फ्रांस में पढ़ाई का खर्चा ₹45 लाख ? भारतीय स्टूडेंट ने गिनाया एजुकेशन से जुड़ा हर खर्च; सुनते ही लगेगा शॉक
विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए यूरोप लगातार एक पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है। खासकर France में उच्च शिक्षा को लेकर युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिलता है। इसी बीच एक भारतीय छात्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने फ्रांस में पढ़ाई के कुल खर्च का पूरा लेखा-जोखा बताया है। छात्र के अनुसार, पूरे कोर्स के दौरान खर्च लगभग ₹45 लाख तक पहुंच सकता है, जिसे सुनकर लोग हैरान रह गए हैं।
वीडियो में किया गया खर्च का खुलासा
वायरल वीडियो में भारतीय छात्र ने बताया कि फ्रांस में ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, खाने-पीने का खर्च और अन्य जरूरी खर्च जोड़कर कुल लागत काफी बढ़ जाती है। उसने दावा किया कि एक सामान्य मास्टर्स कोर्स के दौरान केवल ट्यूशन फीस ही लाखों रुपये में होती है, जबकि रहने और दैनिक खर्च मिलाकर कुल बजट ₹40 से ₹45 लाख तक पहुंच जाता है।
छात्र ने यह भी बताया कि बड़े शहरों जैसे पेरिस में रहना और भी महंगा है, जहां किराया और लाइफस्टाइल खर्च काफी अधिक हो जाता है। इसके अलावा, वीज़ा, हेल्थ इंश्योरेंस और अन्य प्रशासनिक खर्च भी कुल बजट को बढ़ा देते हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि विदेश में पढ़ाई करना एक निवेश है, जो भविष्य में बेहतर करियर अवसर देता है। वहीं कई लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी रकम हर किसी के लिए जुटाना आसान नहीं है, खासकर मिडिल क्लास परिवारों के लिए।
कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या विदेश की डिग्री भारत में उतनी ही वैल्यू रखती है, जितना उस पर खर्च किया जाता है।
भारतीय छात्रों के लिए बढ़ता आकर्षण
हाल के वर्षों में भारतीय छात्रों का रुझान यूरोप, कनाडा और अन्य देशों की ओर तेजी से बढ़ा है। France में कई ऐसे विश्वविद्यालय हैं जो कम ट्यूशन फीस और स्कॉलरशिप विकल्प भी प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को कुछ राहत मिलती है। हालांकि, जीवनयापन का खर्च अभी भी एक बड़ा फैक्टर बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश में पढ़ाई करने से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, बेहतर रिसर्च अवसर और ग्लोबल जॉब मार्केट में बढ़त मिलती है, लेकिन इसके लिए आर्थिक योजना बहुत जरूरी होती है।
स्कॉलरशिप और पार्ट-टाइम जॉब का विकल्प
जानकारों का कहना है कि कई छात्र स्कॉलरशिप, एजुकेशन लोन और पार्ट-टाइम जॉब के जरिए अपने खर्चों को मैनेज करते हैं। फ्रांस जैसे देशों में छात्रों को सीमित समय के लिए काम करने की अनुमति भी मिलती है, जिससे वे अपने खर्च का कुछ हिस्सा निकाल सकते हैं।

