हिमाचल से राजस्थान तक मौसम का कहर: शिमला में 100 फीट ऊंचा पहाड़ गिरा, वीडियो में जाने चारधाम यात्रा फिर शुरू; यूपी में 8 नदियां खतरे के निशान पर
देश के कई राज्यों में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का दौर जारी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसी स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में सोमवार सुबह बड़ा लैंडस्लाइड हुआ, जिसमें पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। वहीं उत्तराखंड में राहत और बचाव अभियान के बाद चारधाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी गई है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर देखने को मिला है।
शिमला में 100 फीट ऊंचा पहाड़ गिरा
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में सोमवार सुबह जांगलीख पुल के पास अचानक लैंडस्लाइड हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 100 फीट से ज्यादा ऊंचा पहाड़ लगातार 25 से 26 सेकंड तक टूटकर गिरता रहा। पहाड़ से बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लैंडस्लाइड के कारण सुंद्रू नदी का बहाव भी कुछ समय के लिए रुक गया। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते भूस्खलन के खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
केदारनाथ मार्ग पर फंसे 1500 यात्रियों का रेस्क्यू
उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चीड़बसा क्षेत्र में फंसे करीब 1500 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। भारी बारिश और खराब मौसम के कारण यात्री रास्ते में फंस गए थे। SDRF, NDRF और DDRF की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर यात्रियों को रेस्क्यू किया और उन्हें सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया।मौसम में सुधार आने के बाद पिछले दो दिनों से बंद चारधाम यात्रा को भी फिर से शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
जयपुर में बदला मौसम, कई इलाकों में ओले गिरे
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार शाम अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।वहीं श्रीगंगानगर जिले के पदमपुर क्षेत्र के आसपास सोमवार दोपहर अचानक बवंडर देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर
उत्तर प्रदेश में भी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गोंडा और बदायूं समेत कई जिलों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई छोटे पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है।प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पिछले दो दिनों में आंधी और बारिश से उत्तर प्रदेश में 63 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली गिरने और मकानों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी हुई हैं।देश के कई हिस्सों में जारी खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

