देश के 10 राज्यों में मौसम का बदला मिजाज, वीडियो में देंखे पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश-ओलावृष्टि
देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मार्च के महीने में जहां आमतौर पर तापमान में वृद्धि देखने को मिलती है, वहीं इस बार करीब 10 राज्यों में असामान्य मौसम का प्रभाव देखने को मिल रहा है। पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी इलाकों राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज बारिश के साथ-साथ ओले गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असामान्य रूप है। आमतौर पर यह सिस्टम आकाश में एक कर्व्ड (मुड़े हुए) आकार में सक्रिय रहता है, लेकिन इस बार इसका स्वरूप सीधी रेखा जैसा देखा जा रहा है। यही वजह है कि इसका असर अधिक व्यापक और तीव्र हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश और बादलों का बैंड लगभग 1000 किलोमीटर लंबा है, जो अफगानिस्तान से शुरू होकर पाकिस्तान होते हुए भारत तक फैला हुआ है। इस विशाल क्षेत्र में सक्रिय यह सिस्टम एक साथ कई देशों और क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है, जिससे मौसम में भारी बदलाव देखने को मिल रहा है।
Western Disturbance एक ऐसा मौसमीय सिस्टम होता है, जो पश्चिम दिशा से आने वाले बादलों के रूप में उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान बारिश और बर्फबारी का कारण बनता है। आमतौर पर यह सिस्टम हिमालयी क्षेत्रों में अधिक सक्रिय रहता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव अपेक्षाकृत ज्यादा व्यापक और असामान्य है।
जलवायु वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अपनी बनावट के कारण बेहद दुर्लभ है। उनका कहना है कि इस तरह का सीधा और लंबा सिस्टम आमतौर पर नहीं देखा जाता, और यही इसकी सबसे खास और चिंताजनक बात है। इस तरह की संरचना के कारण यह सिस्टम शक्तिशाली आंधी-तूफान और गरज वाले बादलों को जन्म देने की क्षमता रखता है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस मौसमीय बदलाव के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। बर्फबारी के चलते पहाड़ी इलाकों में रास्ते बंद होने की आशंका है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की हिदायत दी गई है।
फिलहाल, मौसम विशेषज्ञ इस सिस्टम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आने वाले दिनों में इसके प्रभाव के कम होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, तब तक देश के कई हिस्सों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जारी रह सकता है।

