वृंदावन: बृजभूषण शरण सिंह ने लिया रितेश्वर महाराज का आशीर्वाद, कहा- गुरु का दर्शन करने आया हूं
मथुरा, 4 अगस्त (आईएएनएस)। यौन उत्पीड़न मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह मंगलवार को वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने रितेश्वर महाराज का दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने न्यायालय के फैसले, अपने खिलाफ चले आंदोलन और पूरे प्रकरण को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। वहीं, रितेश्वर महाराज ने भी न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि सत्य और धैर्य के मार्ग पर चलने वालों की अंततः विजय होती है।
बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अदालत के फैसले से पहले भी वह गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नागपुर गए थे। उन्होंने कहा कि मैं कोर्ट के फैसले से पहले भी नागपुर गया था। 3 तारीख को न्यायपालिका ने मेरे ऊपर लगे सभी आरोपों को सहसम्मान खारिज कर दिया। इसके बाद यह मेरा पहला कार्यक्रम है। मैंने मन में संकल्प लिया था कि जब भी मुझे न्याय मिलेगा तो अपने घर जाने से पहले सबसे पहले रितेश्वर महाराज के दर्शन करूंगा। आज उसी संकल्प को पूरा करने के लिए यहां आया हूं। गुरुजी के दर्शन करने के बाद ही अपने घर के लिए प्रस्थान करूंगा।
उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ होता है, वह ईश्वर की इच्छा से होता है। इस दौरान उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा कि 'होइहि सोइ जो राम रचि राखा।' इस बात पर विश्वास है कि सब कुछ ईश्वर की इच्छा से होता है, तो आज उनका और मीडिया का यह संवाद भी उसी ईश्वर की योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भगवान ने जो निश्चित किया है, वही होकर रहेगा।
अपने खिलाफ चले यौन उत्पीड़न मामले और उससे जुड़े आंदोलन का उल्लेख करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ जितना बड़ा प्रदर्शन हुआ, वैसा शायद दुनिया में कहीं नहीं हुआ होगा। यह आंदोलन महीनों तक चला और इसमें कई नामी पहलवान शामिल थे। आरोप लगाने वालों में ओलंपिक पदक विजेता थे, विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता थे। उनके पीछे कांग्रेस खड़ी थी, आम आदमी पार्टी खड़ी थी, ममता बनर्जी की पार्टी खड़ी थी, लेफ्ट था, राइट था, टुकड़े-टुकड़े गैंग था। यहां तक कि कनाडा और अमेरिका में भी आंदोलन चलाया गया। यह एक बहुत बड़ा षड्यंत्र था।
बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा कि उन्होंने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि यदि उनके खिलाफ लगाया गया एक भी आरोप सच साबित होता है तो वह स्वयं फांसी पर चढ़ने को तैयार हैं। पहले दिन मेरा जो स्टैंड था, वही आज तक रहा। मैंने कहा था कि यदि एक भी बात सत्य पाई गई तो मैं स्वयं फांसी पर लटक जाऊंगा। आज न्यायपालिका ने मुझे बाइज्जत बरी किया है।
वहीं, रितेश्वर महाराज ने भी इस अवसर पर कहा कि उन्होंने शुरू से ही धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने तथा धैर्य बनाए रखने की बात कही थी। न्यायपालिका ने अपना निर्णय दे दिया है और सत्य की जीत हुई है। मैंने हमेशा धर्म के मार्ग पर चलने, सत्य का साथ देने और धैर्य रखने की बात कही थी। न्यायपालिका के द्वारा न्याय मिला है। धर्म का दबदबा, सनातन का दबदबा और राष्ट्र का गौरव सदा था, है और रहेगा। धैर्यपूर्वक रहने से एक दिन सत्य की विजय अवश्य होती है। हम सभी भारतवासी न्यायपालिका का सम्मान करते हैं। न्यायालय ने अपना निर्णय दे दिया है।
बृजभूषण शरण सिंह को अपना पुत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि जैसे किसी पिता को अपने पुत्र के बेदाग और निर्मल होकर लौटने पर प्रसन्नता होती है, वैसे ही उन्हें भी खुशी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बृजभूषण शरण सिंह आगे भी राष्ट्र और सनातन की सेवा करते रहेंगे।
--आईएएनएस
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