विश्व बैंक की रिपोर्ट पर सौगत रॉय बोले- यह किसी पार्टी का क्रेडिट नहीं, जनता की मेहनत का नतीजा है
कोलकाता, 8 नवंबर (आईएएनएस)। विश्व बैंक की रिपोर्ट में 12 साल में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों के गरीबी से बाहर आने पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यह रिपोर्ट भारत के लिए सकारात्मक है, लेकिन इसका क्रेडिट किसी राजनीतिक पार्टी को नहीं, बल्कि देश की जनता की मेहनत को जाता है।
विश्व बैंक की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि पिछले 12 वर्षों में भारत में 50 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी स्तर से ऊपर उठे हैं। इस पर लोकसभा सांसद सौगत रॉय ने कहा, "यह रिपोर्ट भारत के लिए अच्छी है। यह किसी राजनीतिक पार्टी का क्रेडिट नहीं है। भारत के लोगों ने मेहनत करके इसे हासिल किया है और यह रिपोर्ट हमारे लिए सकारात्मक है।"
उन्होंने पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले पर कहा कि उनका जन्मदिन मनाया जा रहा था। भाजपा के लोगों ने पहले रेकी की, फिर रात दो बजे भाजपा के गुंडे ईंट-लाठी लेकर उनके घर पर हमला करने पहुंचे। वहां हमारे कार्यकर्ता मौजूद थे, उन्हें भी चोट लगी। हमारे लोगों ने उसका प्रतिरोध किया। पुलिस ने वहां मौजूद रहने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मैं इसकी निंदा करता हूं। भाजपा समझती है कि इस तरह हंगामा करके तृणमूल को दबाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं होगा। यह संभव नहीं है। हम लड़ते रहेंगे।
इससे पहले, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास के बाहर हुई कथित झड़पों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में तनाव पैदा करने के लिए भाजपा और पुलिस ने मिलकर साजिश रची है।
दरअसल, ममता बनर्जी कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंची थीं, इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।
ममता ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह इस मामले को देश की सर्वोच्च अदालत तक लेकर जाएंगी। उनका आरोप है कि घटना के दौरान पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने आरोप लगाया, "भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों के एक समूह ने रात 2 बजे के बाद अभिषेक के घर पर हमला कराया। पुलिस मूकदर्शक बनी रही।"
पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ने विशेष रूप से कालीघाट थाने के प्रभारी का नाम लेते हुए कहा कि उनके कदमों से जनता में आक्रोश पैदा हो सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस पर उनके आवास पर आयोजित होने वाली वार्षिक काली पूजा में बाधा डालने और लोगों को वहां आने से रोकने की कोशिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों और भारी पुलिस तैनाती के कारण पूजा से पहले इलाके में तनाव का माहौल है।
--आईएएनएस
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