Viral Video : भूकंप के दोहरे झटकों से दहला वेनेजुएला, एयरपोर्ट पर मची भगदड़; मौत के साये में दिखे हजारों लोग
वेनेजुएला से डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। बुधवार की शाम देश के इतिहास में एक कभी न भूलने वाला, काला दिन साबित हुई। 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले दो ज़बरदस्त भूकंप एक के बाद एक आए, जिससे पूरे देश में भारी तबाही मची। देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, साइमन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और इसे अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी हैं। बुधवार शाम एयरपोर्ट यात्रियों से खचाखच भरा हुआ था। लोग अपनी उड़ानों का इंतज़ार कर रहे थे, तभी अचानक ज़मीन हिलने लगी। धरती इतनी ज़ोर से हिली कि लोग खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।वायरल वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि एयरपोर्ट की फ़ॉल्स सीलिंग, कंक्रीट के टुकड़े, भारी लाइट फ़िक्स्चर और बिजली के तारों के बड़े हिस्से सीधे यात्रियों के बैठने की जगह और चेक-इन काउंटर पर गिर रहे हैं। चीख-पुकार और मौत जैसी डरावनी खामोशी छा गई।
🇻🇪 BREAKING
— @Sky (@Sky_Tradez_) June 25, 2026
Venezuela's powerful back to back earthquakes have caused significant damage to Simón Bolívar International Airport near Caracas.
Videos show parts of the terminal ceiling collapsing as passengers rushed to evacuate. Flights have been suspended while authorities… pic.twitter.com/LSpebcEljm
एक पल में ही चारों तरफ़ अंधेरा छा गया!
भूकंप का असर इतना ज़बरदस्त था कि कुछ ही सेकंड में एयरपोर्ट का मुख्य पावर ग्रिड फेल हो गया। पूरा टर्मिनल अंधेरे में डूब गया। धूल का गुबार उठने लगा, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया। कांच टूटने और कंक्रीट गिरने की आवाज़ें हर तरफ़ गूंजने लगीं। अंधेरे में यात्री और एयरपोर्ट स्टाफ़ अपनी जान बचाने के लिए खुले मैदानों की ओर भागते दिखे। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस चौंकाने वाली खबर की पुष्टि की कि एयरपोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तबाह हो गया है; अब वहां से कोई भी उड़ान भरना नामुमकिन है।
ऊंची-ऊंची इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह कोई मामूली भूकंप नहीं था। पहला झटका 7.2 तीव्रता का था और ठीक 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा बड़ा झटका लगा। इन दो झटकों ने न सिर्फ़ एयरपोर्ट को, बल्कि राजधानी काराकस की बड़ी और आलीशान इमारतों को भी ताश के पत्तों की तरह गिरा दिया। इन झटकों को पड़ोसी देशों कोलंबिया और ब्राज़ील तक महसूस किया गया।

