Viral Video: 6 पीढ़ियां, 83 सदस्य और एक ही रसोई... इस अनोखे संयुक्त परिवार को देख यूजर्स बोले - 'फैमिली है या जिला...'
आज के दौर में जब शादी के तुरंत बाद ही कपल्स अलग घर बसाने के बारे में सोचते हैं, तब आंध्र प्रदेश के अनंतपुर ज़िले का एक अनोखा परिवार मिसाल बना हुआ है। इस बड़े परिवार में कुल 83 सदस्य हैं। खास बात यह है कि इस परिवार की छह पीढ़ियां एक ही छत के नीचे मिल-जुलकर रहती हैं। ऐसे समय में जब परिवारों का बंटवारा आम बात हो गई है, यह परिवार संयुक्त परिवार प्रणाली की सदियों पुरानी परंपरा को बखूबी निभा रहा है।
On #WorldPopulationDay, this inspiring family from our state reminds us of a timeless truth that Hon'ble CM @ncbn garu often emphasizes, people are our greatest asset, not a burden when empowered with values, education, and opportunity.
— Sana Sathish Babu (@sanasathishbabu) July 11, 2026
Strong joint families, shared values and… https://t.co/067xk8P2cp
**चार अलग-अलग घर, फिर भी पूरा परिवार एक ही मुखिया के नेतृत्व में चलता है**
रिपोर्ट के मुताबिक, अनंतपुर ज़िले के कुरलापल्ली गांव में रहने वाले नागप्पा परिवार के मुखिया हनुमंतरायडु और मुथ्यालप्पा हैं। इस बड़े परिवार में छह दामाद, 14 बहुएं, 20 बच्चे और कई दादा-दादी व बुजुर्ग शामिल हैं। वे एक-दूसरे के पास बने चार अलग-अलग घरों में रहते हैं, फिर भी उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी - मिलना-जुलना, खाना-पीना और सुख-दुख बांटना - पूरी तरह से आपस में जुड़ी हुई है। परिवार के सभी सदस्य कमाई में योगदान देते हैं और घर का खर्च एक साझा फंड से चलाया जाता है।
**सुबह की कॉफी और साझा रसोई में बना खाना**
इस बड़े परिवार की दिनचर्या किसी बड़ी कंपनी की तरह चलती है। परिवार के मुखिया हनुमंतरायडु बताते हैं कि हर सुबह बुजुर्ग कॉफी पर इकट्ठा होकर दिन की योजना बनाते हैं। इन बैठकों में दिन का मेन्यू तय किया जाता है, साथ ही यह भी तय होता है कि कौन खेत में काम करेगा और कौन घर की ज़िम्मेदारियां संभालेगा। इस परिवार की एक खास बात इनकी साझा रसोई है; बहुएं मिलकर सभी 83 सदस्यों के लिए खाना बनाती हैं और सब साथ बैठकर खाना खाते हैं।
**खेती और बस का कारोबार: कैसे सुलझाते हैं आपसी विवाद**
खेती परिवार की आय का एकमात्र ज़रिया नहीं है। परिवार कल्याणदुर्गम और कर्नाटक के बीच चार बसें भी चलाता है। खेती और बस के कारोबार से होने वाली कुल कमाई को एक साथ जमा किया जाता है, जिससे परिवार को काफी आर्थिक स्थिरता मिलती है। 83 लोगों के परिवार में मतभेद होना स्वाभाविक है; हालांकि, बुजुर्गों का एक पक्का नियम है: दिन भर में होने वाले किसी भी विवाद को रात होने से पहले बातचीत के ज़रिए सुलझा लिया जाना चाहिए। आपसी सम्मान और स्नेह ही इन छह पीढ़ियों की एकता का असली राज़ है।

