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विपक्ष पर भड़क उठे सुरेंद्र जैन, कहा- श्रीराम को राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए

विपक्ष पर भड़क उठे सुरेंद्र जैन, कहा- श्रीराम को राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए
विपक्ष पर भड़क उठे सुरेंद्र जैन, कहा- श्रीराम को राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए

अयोध्या, 6 जुलाई (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक, मंदिर से जुड़े विवादों, विपक्ष के आरोपों और धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता के मुद्दे पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए राम मंदिर और हिंदुओं की आस्था से जुड़े विषयों को अनावश्यक रूप से विवादित बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

सुरेंद्र जैन ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था, "कुछ विपक्षी दल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं। कांग्रेस, सपा और आम आदमी पार्टी के कई नेताओं का इतिहास हिंदुओं की आस्था पर सवाल उठाने का रहा है।"

सुरेंद्र जैन ने कहा, "विपक्ष लगातार हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ करता रहा है। कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए जाते हैं, कभी राम मंदिर जाने का विरोध किया जाता है और कभी वहां बाबरी मस्जिद बनाने की बात की जाती है। अब एक कथित चोरी का मामला सामने आया है, जिसकी एसआईटी द्वारा पारदर्शी, व्यापक और निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसके बावजूद विपक्ष निराधार और गंभीर आरोप लगा रहा है।

उन्होंने कहा, "हमने भी एसआईटी और जांच अधिकारियों को पत्र लिखकर मांग की है कि जो लोग इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, उन्हें बुलाया जाए और उनसे अपने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे जाएं। यदि उनके पास कोई प्रमाण नहीं है, तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।"

सुरेंद्र जैन ने कहा, "राम को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। इतिहास गवाह है कि जिसने भी राम का विरोध करने की कोशिश की, वह सफल नहीं हुआ। जांच चल रही है, उसे निष्पक्ष रूप से पूरा होने देना चाहिए। बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जांच को प्रभावित करने का प्रयास उचित नहीं है।"

उन्होंने कहा, "यह मंदिर 500 वर्षों के संघर्ष और असंख्य लोगों के बलिदान के बाद बना है। ऐसे पवित्र विषय पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।"

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए त्यागपत्रों पर विचार करना है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार यदि कोई ट्रस्टी इस्तीफा देता है तो उस पर अंतिम निर्णय संपूर्ण ट्रस्ट की बैठक में सामूहिक रूप से लिया जाता है। इसलिए सोमवार की बैठक इसी प्रक्रिया के तहत बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट जो भी निर्णय करेगा, विहिप उसका सम्मान करेगी और उसी के अनुरूप आगे कार्य करेगी।

उद्धव ठाकरे ने रविवार को "भाजपा मुक्त राम" अभियान की शुरुआत की और कहा कि राम किसी एक पार्टी के नहीं हैं। इस पर सुरेंद्र जैन ने कहा कि "भाजपा मुक्त राम" जैसा बयान एक राजनीतिक बयान है, जो हताशा से उत्पन्न हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि जब से उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे के मार्ग को छोड़कर राम विरोधी माने जाने वाले लोगों का साथ दिया है, तब से उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। उनके अनुसार, इसी कारण वे भ्रम की स्थिति में हैं और हताशा में ऐसे बयान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद तुरंत जांच समिति गठित की गई। जहां भी हिंदू मंदिरों पर आरोप लगे हैं, वहां तुरंत जांच की गई है। कुछ मामलों में आरोप सत्य पाए गए, जबकि कुछ में वे निराधार साबित हुए। उन्होंने कहा कि बिना परिणाम की परवाह किए, यह सुनिश्चित किया गया है कि दोषियों को दंडित किया जाए और व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी बनाया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि दरगाह शरीफ और दिल्ली की जामा मस्जिद पर भी समय-समय पर विभिन्न आरोप लगते रहे हैं। अजमेर की दरगाह शरीफ पर भी भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहां से राष्ट्रविरोधी नारों की भी बात की जाती है, जिनमें "सर तन से जुदा" जैसे नारे शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि कभी भी इन संस्थानों के प्रबंधन ने स्वयं जांच की मांग नहीं की है, जबकि हिंदू धार्मिक संस्थाओं में कई बार स्वयं पहल कर जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि चर्चों पर भी विभिन्न आरोप लगते रहे हैं, लेकिन वहां आज तक किसी प्रकार की जांच प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, लेकिन दूसरी तरफ राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय ने स्वयं एसआईटी का गठन कराया है।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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