विपक्ष ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा पर विधायकों को खरीदने का लगाया आरोप
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी दलों में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष लगातार भाजपा पर विधायक खरीदने का आरोप लगा रही है। विपक्ष का कहना है कि भाजपा जिस तरह से चुनाव जीत रही है, उससे लोकतंत्र को खतरा है।
आरजेडी सांसद मीसा भारती ने पत्रकारों से कहा कि राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त और धमकियों का इस्तेमाल किया गया। जिस तरह से चुनाव हो रहा है, वह सही नहीं है। ऐसे में लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा, "कहीं न कहीं राजद समेत सभी विपक्षी दलों को आशंका है कि भाजपा ने अपनी एजेंसियों का इस्तेमाल करके वोटिंग प्रभावित की है और इसमें कोई शक नहीं है। जैसा कि देखा जा सकता है, पांच सीटों के लिए चुनाव थे, लेकिन छह उम्मीदवार मैदान में थे। राजद का एक विधायक और कांग्रेस के तीन विधायक समय पर नहीं पहुंच सके और अपना वोट नहीं डाल पाए।"
वहीं, झामुमो सांसद महुआ माजी ने इस मामले में सवाल उठाते हुए कहा कि खरीद-फरोख्त खुलेआम हो रही है और जब चुनाव की बात आती है, तो ईडी व सीबीआई जैसी संस्थाएं सक्रिय नहीं होतीं। उन्होंने पूछा कि क्या ये संस्थाएं अब पक्षपाती हो गई हैं।
कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक मौजूद थे और उपस्थिति में कोई कमी नहीं थी। हालांकि, हमारी मांग है कि जिन पांच विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, उनके नाम जल्द से जल्द सार्वजनिक किए जाएं। अब तक उनके नाम उजागर नहीं किए गए हैं। हमारे कई विधायकों का मानना है कि जिन्होंने ईमानदारी से काम किया और जिन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया, उन दोनों के साथ एक जैसा ही बर्ताव किया जा रहा है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने क्रॉस वोटिंग को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा, "इस पर सभी दलों को रोक लगानी चाहिए।" उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को भी बधाई दी और कहा कि उन्होंने अपने उम्मीदवारों को सूझबूझ से मैदान में उतारा, जिनपर मतदाताओं का भरोसा है। उनका मानना है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे टीएमसी के पक्ष में आएंगे और वह बंगाल में टीएमसी की वापसी की संभावना देख रहे हैं।
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