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विपक्ष को डराने के लिए हो रहा एजेंसियों का इस्तेमाल, राम मंदिर मामले में रविदास मेहरोत्रा ने की न्यायिक जांच की मांग

लखनऊ, 21 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने रविवार को कई मुद्दों पर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने नीट परीक्षा की पारदर्शिता, राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और चंदे के मामले, तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों पर कार्रवाई, ओम प्रकाश राजभर के बयान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी।
विपक्ष को डराने के लिए हो रहा एजेंसियों का इस्तेमाल, राम मंदिर मामले में रविदास मेहरोत्रा ने की न्यायिक जांच की मांग

लखनऊ, 21 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने रविवार को कई मुद्दों पर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने नीट परीक्षा की पारदर्शिता, राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और चंदे के मामले, तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों पर कार्रवाई, ओम प्रकाश राजभर के बयान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी।

नीट की दोबारा आयोजित परीक्षा को लेकर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि इस बार 22 लाख 80 हजार से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी कामना है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हो। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों की सफलता की कामना करते हुए कहा कि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर और निष्पक्ष मूल्यांकन मिलना चाहिए।

राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और चंदे के मुद्दे पर सपा विधायक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर में करोड़ों रुपए की संपत्तियां और बहुमूल्य वस्तुएं गायब होने के आरोप सामने आए हैं।

उन्होंने दावा किया कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। मेहरोत्रा ने कहा कि कथित चोरी की घटना से पहले मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए जाने की बात सामने आई है और अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुकदमा ही दर्ज नहीं हुआ तो एसआईटी किस आधार पर जांच कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है और इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सर्वोच्च न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिन्हें उचित जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।

तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने से जुड़े मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का भय दिखाकर विपक्षी नेताओं और राजनीतिक दलों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों और विधायकों को तोड़ने तथा राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है और सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया।

सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर द्वारा समाजवादी पार्टी में टूट की संभावना जताने संबंधी दावे पर मेहरोत्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह एकजुट है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व पर सभी नेताओं, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं का अटूट विश्वास है। उन्होंने कहा कि सपा का कोई भी विधायक या सांसद पार्टी छोड़ने वाला नहीं है। उल्टा उन्होंने दावा किया कि राजभर की पार्टी में ही असंतोष है और उनके विधायक समाजवादी पार्टी में आने की इच्छा रखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के कई विधायक भी पार्टी छोड़ने के लिए तैयार बैठे हैं और आने वाले महीनों में भाजपा तथा सुभासपा दोनों में राजनीतिक हलचल देखने को मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए सपा विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और राम मंदिर से जुड़े सवाल भी श्रद्धा और पारदर्शिता के दृष्टिकोण से उठाए जा रहे हैं। मेहरोत्रा ने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच चाहती है तो उसे न्यायिक जांच का आदेश देना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सरकार यह बताए कि कथित घटना के बावजूद एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई और सीसीटीवी कैमरे किसके आदेश पर बंद किए गए थे।

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और माफिया गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य के शीर्ष अपराधियों की सूची सार्वजनिक की जाए और यह बताया जाए कि उनके राजनीतिक संबंध क्या हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया जैसी स्थिति बन गई है और अपराध, राजनीति तथा प्रशासन के गठजोड़ के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मेहरोत्रा ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अपराधों में वृद्धि हुई है और सरकार को इस विषय पर जवाब देना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके/वीसी

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