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'विपक्ष को 2029 में महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा', संविधान संशोधन बिल गिरने पर अमित शाह

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया, जिसके चलते यह विधेयक पास नहीं हो पाया। विधेयक के गिरने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई एनडीए नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा।
'विपक्ष को 2029 में महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा', संविधान संशोधन बिल गिरने पर अमित शाह

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया, जिसके चलते यह विधेयक पास नहीं हो पाया। विधेयक के गिरने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई एनडीए नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया।"

उन्होंने आगे कहा, "महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है। अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को 'महिलाओं का आक्रोश' न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।"

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लिखा, "आज लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित नहीं होना कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। आज का दिन हमारे देश के लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है। यह केवल एक बिल का गिरना नहीं है, बल्कि करोड़ों बहनों के उस भरोसे का टूटना है जो उन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संजोया था। जहां एक ओर हम महिलाओं को 'शक्ति' मानकर उनके सशक्तीकरण का सपना देख रहे हैं, वहीं विपक्ष की संकीर्ण सोच ने उनकी प्रगति की राह में दीवार खड़ी कर दी। यह उनके सपनों और उनके सामर्थ्य का अपमान है।"

उन्होंने आगे लिखा, "नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा! यह आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है। 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी। याद रखिए, शक्ति का यह क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है।"

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लिखा, "देश की बेटियों को ठगने वाले को देश कभी माफ नहीं करेगा। आज केवल एक बिल ही नहीं गिरा है बल्कि महिला विरोधी कांग्रेस और इंडी ब्‍लॉक ने देश की बहनों के सपने और उम्मीदों को गिराया है। शर्मनाक।"

--आईएएनएस

पीएसके

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