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विपक्ष का एकमात्र कार्य हर बिल का विरोध करना है: सतीश चंद्र दुबे

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक पर विपक्षी नेताओं के बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ हर बिल पर विरोध करना है।
विपक्ष का एकमात्र कार्य हर बिल का विरोध करना है: सतीश चंद्र दुबे

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक पर विपक्षी नेताओं के बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ हर बिल पर विरोध करना है।

नई दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अगर कोई ऐसा विधेयक है जिसका विपक्ष विरोध न करे तो मुझे ऐसे किसी एक विधेयक का नाम बता दीजिए। ये लोग तो सबसे बेहतरीन चीज का भी विरोध करते हैं। ऐसे कई राज्य हैं—जहां केंद्र की योजनाओं को धरातल पर उतरने नहीं दिया जाता है, किसान सम्मान निधि हो या फिर आयुष्मान योजना। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को अच्छे कार्य में भी सपोर्ट करना चाहिए, लेकिन इनका काम सिर्फ विरोध करना है।

उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बातचीत पर कहा कि युद्ध किसी भी चीज का समाधान नहीं है। इतिहास बताता है कि बैठकर बातचीत करने से मुद्दों को सुलझाया जा सकता है। समझौता हमेशा सबसे अच्छा तरीका होता है। भारत हमेशा शांति का प्रस्ताव रखता है। आज दोनों नेतृत्व की बातचीत हुई। निश्चित रूप से इसका कुछ रास्ता निकलना चाहिए।

दूसरी ओर, ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक पर भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि विपक्ष ने कहा कि इस विधेयक को उचित चर्चा के लिए समिति के पास भेजा जाना चाहिए, लेकिन सरकार ने कहा कि इस पर समिति द्वारा पहले ही चर्चा की जा चुकी है। यह सच है कि ट्रांसजेंडरों के लिए पारदर्शिता बहुत महत्वपूर्ण है।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि लोकसभा में ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा करते हुए सांसदों को विश्वास दिलाया कि संवेदनशील पीएम मोदी के नेतृत्व में इस विधेयक का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में संशोधन करना है। इस कानून का उद्देश्य केवल उन व्यक्तियों की रक्षा करना है, जिन्हें उनकी जैविक स्थिति के कारण गंभीर सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है। यह अधिनियम ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस संशोधन के उपरांत मेडिकल बोर्ड की संस्तुति के उपरांत जिला मजिस्ट्रेट एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के रूप में पहचान प्रमाणपत्र जारी करेगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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