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पीओके में हिंसा भड़की: पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, फुटेज में देंखे 11 की मौत, 70 से ज्यादा घायल

पीओके में हिंसा भड़की: पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, फुटेज में देंखे 11 की मौत, 70 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सोमवार को हालात बेकाबू हो गए जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है और सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। न्यूज एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के दौरान भड़की।

11 की मौत, दर्जनों घायल

रिपोर्ट में बताया गया है कि झड़पों में मरने वालों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा करीब 23 सुरक्षाकर्मी और लगभग 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।हिंसा के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिए हैं और कई इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

30 से ज्यादा गिरफ्तारियां

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात को सामान्य करने और आगे हिंसा रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।हालांकि स्थानीय स्तर पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी रहने की खबरें हैं।

विवाद की जड़: आरक्षित सीटों का मुद्दा

इस पूरे विवाद की मुख्य वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर चल रहा मतभेद बताया जा रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे।JAAC और स्थानीय सरकार के बीच इन सीटों के प्रतिनिधित्व और अधिकारों को लेकर लंबे समय से टकराव चल रहा है, जो अब हिंसा में बदल गया।

हालात तनावपूर्ण, प्रशासन अलर्ट पर

झड़पों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और शांति बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।

राजनीतिक और मानवीय संकट गहराया

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हिंसा केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक असंतोष और प्रतिनिधित्व के मुद्दों का परिणाम है। हालात अगर जल्द नहीं संभले तो यह और बड़े संकट का रूप ले सकते हैं।फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और लोग स्थिति के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

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