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विक्रांत मैसी की सादगी पर फिदा हुईं महिमा मकवाना, बोलीं-आज भी हैं उतने ही दयालु

विक्रांत मैसी की सादगी पर फिदा हुईं महिमा मकवाना, बोलीं-आज भी हैं उतने ही दयालु
विक्रांत मैसी की सादगी पर फिदा हुईं महिमा मकवाना, बोलीं-आज भी हैं उतने ही दयालु

मुंबई, 14 जुलाई (आईएएनएस)। अभिनेता विक्रांत मैसी और अभिनेत्री महिमा मकवाना जल्द ही आगामी फिल्म 'मुसाफिर कैफे' में नजर आएंगे। हाल ही में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान महिमा मकवाना ने अपने को-स्टार की तारीफ करते हुए बताया कि करियर में बड़ी सफलता हासिल करने के बावजूद विक्रांत वही इंसान हैं जिन्हें वह सालों पहले जानती थीं।

अभिनेत्री ने बताया कि विक्रांत के साथ उनकी पहली मुलाकात टीवी सीरियल 'बालिका वधू' के सेट पर हुई थी, जब वह महज 10 साल की थीं। अभिनेत्री महिमा मकवाना ने कहा, "इतने वर्षों के बाद भी विक्रांत में कोई बदलाव नहीं आया। वे सबसे दयालु, मेहनती और सच्चे इंसान है। ये खूबियां उनके काम में दिखती हैं।"

अभिनेत्री महिमा मकवाना ने यह भी कहा कि 'मुसाफिर कैफे' में विक्रांत मैसी के साथ दोबारा काम करना एक शानदार अनुभव रहा है। वहीं, विक्रांत ने भी महिमा मकवाना के साथ काम करने को शानदार अनुभव बताया।

महिमा मकवाना ने टेलीविजन शो 'बालिका वधू' में युवा गौरी सिंह का रोल किया था। उनके कैरेक्टर को एक छोटे से कैमियो के जरिए इंट्रोड्यूस किया गया था, जिसमें एक युवा लड़की थी जो जग्या (अविनाश मुखर्जी) से शादी करने वाली थी, उस समय जब आनंदी मेंटल हेल्थ की दिक्कतों से जूझ रही थी।

दूसरी तरफ, विक्रांत मैसी ने पॉपुलर हिंदी टेलीविजन सीरीज 'बालिका वधू' में श्याम मदन सिंह का किरदार निभाया था। वह 2009 से 2010 तक इस शो से जुड़े रहे, जो टेलीविजन पर उनके शुरुआती शो में से एक था।

'मुसाफिर कैफे' रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित रोमांटिक ड्रामा है, जो प्यार और रिश्तों के उलझाव पर आधारित है। इसमें एक सफर के दौरान होने वाले प्यार और यादों की कहानी दिखाई गई है। यह फिल्म हिंदी साहित्यकार दिव्या प्रकाश दुबे द्वारा लिखा गया एक बेहद लोकप्रिय और भावनात्मक उपन्यास है।

विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना अभिनीत फिल्म 'मुसाफिर कैफे' 24 जुलाई से ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है।

--आईएएनएस

एनएस/वीसी

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