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'विकसित भारत-2047' में मातृशक्ति की भूमिका अहम, बेटियों को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं: आनंदीबेन पटेल

'विकसित भारत-2047' में मातृशक्ति की भूमिका अहम, बेटियों को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं: आनंदीबेन पटेल
'विकसित भारत-2047' में मातृशक्ति की भूमिका अहम, बेटियों को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं: आनंदीबेन पटेल

लखनऊ, 28 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में मातृशक्ति की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने माताओं से बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाने और 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच तथा कैंसर स्क्रीनिंग कराने की अपील की।

राज्यपाल रविवार को अयोध्या स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित 'मातृशक्ति कॉन्क्लेव अयोध्या-2026' को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं।

कार्यक्रम में आयोजित 'मां-बेटी संवाद' के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, संस्कार और बाल विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति कॉन्क्लेव जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रभावी माध्यम हैं। राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनकी भागीदारी निर्णायक होगी।

राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सुदृढ़ रसोई व्यवस्था और बच्चों को नियमित रूप से गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना अनुकरणीय पहल है।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण पोषण, नियमित उपस्थिति, प्रतियोगिताओं के आयोजन, कार्यकर्त्रियों के प्रशिक्षण तथा पर्यवेक्षकों और सीडीपीओ की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पोषण, बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, पल्स पोलियो अभियान और संतुलित आहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। साथ ही कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाकर भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ना समय की मांग है।

उन्होंने किशोरियों से उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने और गलत संगति से दूर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी और सीएसआर के तहत उपलब्ध कराई गई सामग्रियों का अवलोकन किया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से 200 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन और 10 बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अवसर पर विद्याशक्ति पहल के अंतर्गत पांच स्वयं सहायता समूहों को पुस्तकें, एक समूह को ऑर्नामेंटल फिशरीज किट, पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन, सात सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र तथा विभिन्न लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित 'माँ-बेटी संवाद' कार्यक्रम आयोजित किए जाने का सुझाव भी दिया।

--आईएएनएस

विकेटी/एएसएच

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