विजयादशमी पर पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम का अनोखा प्रदर्शन, पुरुष आयोग की मांग को लेकर शूर्पणखा दहन
पुणे, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूरे देश में विजयादशमी का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी बीच, महाराष्ट्र में एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला, जो अपनी पत्नियों के सताए हुए पुरुषों के लिए है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पुरुष आयोग की स्थापना की मांग को लेकर पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम की ओर से अनोखा आंदोलन किया गया। विजयादशमी के मौके पर संगठन की ओर से शूर्पणखा का दहन कर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की गई।
संगठन ने कहा कि जिस तरह महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए आयोग और न्यायिक व्यवस्था मौजूद है, उसी तरह पुरुषों की समस्याओं को सुनने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए भी पुरुष आयोग बनाया जाना चाहिए।
वालुज स्थित पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम पिछले 10 वर्षों से पुरुषों के अधिकारों के लिए काम कर रहा है। संगठन के अध्यक्ष भारत फुलारे के मुताबिक, पिछले दस वर्षों से विजयादशमी के दिन शूर्पणखा दहन के जरिए यह आंदोलन किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिस तरह रावण दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, उसी तरह महिलाओं में मौजूद बुरी प्रवृत्तियों के विरोध में भी प्रतीकात्मक आंदोलन किया जाना चाहिए।
शूर्पणखा दहन को लेकर पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम के अध्यक्ष भारत फुलारे ने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कुछ कानूनों का कथित तौर पर दुरुपयोग कर पुरुषों और उनके परिजनों को परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि हर मामले में महिला ही सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार पुरुष भी अन्याय का सामना कर सकते हैं, इसलिए उनका पक्ष सुनना और उन्हें भी समान न्याय देना जरूरी है।
संगठन की मांग है कि पुरुषों की शिकायतों को सुनने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए स्वतंत्र पुरुष आयोग की स्थापना की जाए। भारत फुलारे ने स्पष्ट किया कि जब तक पुरुष आयोग की स्थापना नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
--आईएएनएस
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