विद्यार्थियों की जिंदगी से खिलवाड़ आखिर कब तक? 'नो मोर सत्य निकेतन' के साथ अभाविप ने किया आंदोलन
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली ने सत्य निकेतन में हुई दुखद घटना के विरोध में रविवार की रात में एमसीडी भवन के बाहर प्रदर्शन किया और 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की चेतावनी दी।
अभाविप के कार्यकर्ता दुर्घटना स्थल पर लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। अब अभाविप ने अपने आंदोलन को और व्यापक करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों एवं परिसरों में धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। कार्यकर्ता विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की जवाबदेही तय करने तथा दिल्ली एमसीडी आयुक्त के निलंबन की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। 'नो मोर सत्य निकेतन' के संकल्प के साथ अभाविप ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सत्य निकेतन पीजी हादसे के विरोध में दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ, साउथ, सेंट्रल, ईस्ट एवं कालकाजी कैंपस के विभिन्न महाविद्यालयों में व्यापक धरना-प्रदर्शन किया।
हंसराज कॉलेज, हिंदू कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, लक्ष्मीबाई कॉलेज, श्यामलाल कॉलेज, जाकिर हुसैन कॉलेज, श्री अरबिंदो कॉलेज, कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज, शहीद भगत सिंह कॉलेज, राजधानी कॉलेज, शिवाजी कॉलेज, एसपीएमसी सहित विभिन्न परिसरों में अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सत्य निकेतन घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
अभाविप की प्रमुख मांग है कि सत्य निकेतन हादसे की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा घटना के लिए जिम्मेदार पीजी संचालकों, भवन मालिकों एवं लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, दिल्ली विश्वविद्यालय एवं अन्य विद्यार्थी-बहुल क्षेत्रों में स्थित पीजी और किराए के भवनों का तत्काल संरचनात्मक एवं सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
'नो मोर सत्य निकेतन' केवल एक नारा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षित आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने का संकल्प है। जब तक दोषियों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक अभाविप का आंदोलन जारी रहेगा।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, "सत्य निकेतन की दुखद घटना के बाद अभाविप के कार्यकर्ता लगातार पीड़ित विद्यार्थियों की सहायता करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर मैदान में हैं। आज दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और परिसरों में अभाविप कार्यकर्ता धरने पर बैठकर विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। एमसीडी प्रशासन की लापरवाही से हुई इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। ‘नो मोर सत्य निकेतन’ का हमारा संकल्प स्पष्ट है कि दिल्ली में किसी भी विद्यार्थी को असुरक्षित भवन में अपनी जान जोखिम में डालकर रहने के लिए मजबूर न होना पड़े। हम मांग करते हैं कि दोषी अधिकारियों, भवन मालिकों एवं नियमों की अनदेखी करने वाले सभी लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।"
अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा, "दिल्ली के सत्य निकेतन में हुई इस त्रासदी ने व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर किया है। अब जिम्मेदार लोग बहानों के पीछे नहीं छिप सकते। आखिर कब तक विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही जारी रहेगी? दिल्ली सरकार दोषियों को चिह्नित कर तत्काल कार्रवाई करे और प्रत्येक विद्यार्थी-बहुल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए।"
--आईएएनएस
डीकेपी/

