विदेशी फंडिंग पर सख्ती जरूरी, कांग्रेस काल में हुआ दुरुपयोग: प्रतुल शाहदेव
रांची, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने यूपीआई एमडीआर, सेमीकॉन इंडिया और विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए बिल) समेत कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए कोऑपरेटिव बैंक घोटाले के मामले में ईडी की रेड को लेकर प्रतुल शाहदेव ने कहा, "यह काफी चर्चित घोटाला था और काफी लंबे समय से इसको दबाकर रखा गया था। आम लोगों के जमा किए गए पैसे की लूट की गई थी। यह नरेंद्र मोदी का न्यू इंडिया है। कोई गलत करके बच नहीं सकता।
खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर एक्ट) को लेकर प्रतुल शाहदेव ने कहा, "कालाधन खाते-खाते जेएमएम की सोच इतनी काली हो गई है कि काला दिवस मनाएंगे। एमएमडीआर एक्ट से झारखंड को फायदा होने वाला है।
जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल मामले को लेकर भाजपा नेता ने कहा, "सरकार दोनों ओर से बैटिंग कर रही है। आंदोलनकारी छात्रों को शांत करने के लिए सरकार ने एक साथ नौकरी कर रहे कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी। सरकार को पता था कि कोई कोर्ट जाएगा तो तुरंत स्टे मिल जाएगा, क्योंकि यह नेचुरल जस्टिस के खिलाफ था। हुआ भी वही। नौकरियां हटाकर आंदोलनकारी छात्रों को शांत कर दिया और दूसरी तरफ जो नौकरी कर रहे थे उनको भी कह दिया कि आपको कोर्ट से स्टे मिल जाएगा।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कोर्ट ने इनको एफिडेविट दाखिल करने के लिए कहा था और ये तय समय में एफिडेविट दाखिल नहीं कर पाए और बहाना बनाने लगे कि हमारी जांच बहुत आगे चल रही है। प्रगति रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में दिया। कोर्ट ने कहा कि हम बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। 48 घंटे में एफिडेविट फाइल करना होगा। इस मामले में राज्य सरकार बेनकाब हो गई है।
सेमीकॉन इंडिया को लेकर भाजपा नेता ने कहा, "सेमीकंडक्टर में कभी ताईवान का अधिपत्य था और आज भारत में सेमीकंटक्टर को 12 नए प्रोजेक्ट लगे हैं। अब वे दूसरे जगहों पर सप्लाई करने के लिए कमर्शियल प्रोडक्शन की कगार पर हैं।
एफसीआरए बिल को लेकर प्रतुल शाहदेव ने कहा, "मेरा मानना है कि विदेश से जो भी फंड आता है, उसको सरकार के स्क्रूटनी के बिना नहीं जाना चाहिए। कांग्रेस के समय में इस फंड का जमकर दुरुपयोग किया गया। देशविरोधी शक्तियों को भी इससे फाइनेंस किया गया। इस फंड का मिसयूज सबसे ज्यादा ट्राइबल इलाकों में किया गया। कन्वर्जन करने के लिए आदिवासियों और दलितों को टारगेट किया गया। बहुत बड़े पैमाने पर धर्मांतरण किया गया। एफसीआरए से किसी को क्यों डर लग रहा है? जो इसका दुरुपयोग करते थे उन्हीं को डर लग रहा है।
--आईएएनएस
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