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ह्यूमनॉइड रोबोट के हमले का वीडियो हुआ वायरल, 10 करोड़ लोगों ने देखा; जांच में सामने आई पूरी सच्चाई

ह्यूमनॉइड रोबोट के हमले का वीडियो हुआ वायरल, 10 करोड़ लोगों ने देखा; जांच में सामने आई पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर इन दिनों इंडोनेशिया के एक ऑफिस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ह्यूमनॉइड रोबोट अपने ही साथियों पर हमला करता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो को अब तक 10 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने रोबोट में तकनीकी खराबी आने की आशंका जताई, लेकिन जांच में इसकी सच्चाई कुछ और ही सामने आई।

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति रोबोट के स्किल्स का प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा है। डेमो के दौरान रोबोट पहले मार्शल आर्ट्स जैसे मूव्स करता है। इसके बाद अचानक वह पीछे खड़े अपने हैंडलर की ओर मुड़ता है और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति को जोरदार लात मारकर जमीन पर गिरा देता है। इस घटना को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स हैरान रह गए और कई लोगों ने इसे रोबोट के नियंत्रण से बाहर होने की घटना बताया।

हालांकि, जांच के बाद पता चला कि यह वीडियो पूरी तरह स्क्रिप्टेड था और रोबोट ने वास्तव में किसी पर हमला नहीं किया था। वीडियो को जानबूझकर इस तरह बनाया गया था ताकि यह वास्तविक घटना जैसा लगे और लोगों का ध्यान आकर्षित कर सके।

जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो सबसे पहले 5 जुलाई को इंडोनेशिया के टिकटॉक यूजर 'जोको प्रबुवेसी' ने पोस्ट किया था। इसके बाद यह वीडियो तेजी से अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल गया और लाखों लोगों ने इसे शेयर किया।

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच रोबोट की सुरक्षा और भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के इस्तेमाल को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि अगर रोबोट वास्तव में इंसानों पर हमला करने लगें तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल वीडियो को देखकर तुरंत निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। आधुनिक ह्यूमनॉइड रोबोट कई तरह के मूवमेंट और प्रदर्शन करने में सक्षम हैं, लेकिन उनके काम करने के लिए इंसानी प्रोग्रामिंग और नियंत्रण की जरूरत होती है।

सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो अक्सर लोगों को भ्रमित कर देते हैं, क्योंकि एडिटिंग, स्क्रिप्ट और विशेष प्रभावों के जरिए किसी भी घटना को वास्तविक जैसा दिखाया जा सकता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ, जहां मनोरंजन या प्रचार के उद्देश्य से तैयार किए गए वीडियो को कई लोगों ने असली घटना समझ लिया।

फिलहाल यह वीडियो भले ही फर्जी साबित हुआ हो, लेकिन इसने एक बार फिर AI और रोबोटिक्स तकनीक को लेकर लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी है। आने वाले समय में जैसे-जैसे ह्यूमनॉइड रोबोट का इस्तेमाल बढ़ेगा, वैसे-वैसे उनकी सुरक्षा, नियंत्रण और जिम्मेदारी को लेकर बहस भी तेज होने की संभावना है।

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