प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश में दशकों से जारी नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद की समस्या को लेकर कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के हाथ आज संविधान दिखाने में उठ रहे हैं, वही लोग उस समय चुप थे जब नक्सली हिंसा अपने चरम पर थी।
बिना नाम लिए राहुल गांधी पर निशाना
रिपब्लिक भारत के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जब हिंसा बढ़ रही थी, तब तत्कालीन सरकारें प्रभावी कदम उठाने में असफल रहीं।
कांग्रेस पर गंभीर आरोप
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने नक्सल प्रभावित इलाकों को केवल “पिछड़ा क्षेत्र” मानकर छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिससे वहां के लोगों को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
NDA सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
पीएम मोदी ने कहा कि National Democratic Alliance सरकार ने इन क्षेत्रों में बदलाव को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास योजनाओं को तेज किया और लोगों में भरोसा व उम्मीद जगाने का काम किया।
विकास और सुरक्षा पर फोकस
प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार की रणनीति में सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी गई है। सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के प्रयासों से इन क्षेत्रों में स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
पीएम मोदी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से इस टिप्पणी पर पलटवार की संभावना जताई जा रही है। नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर एक बार फिर सियासी बहस तेज होती दिख रही है।फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी का दौर जारी रहने की संभावना है।

