वीडियो! 15 दिन बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून, छत्तीसगढ़ में हुई एंट्री; बस्तर में भारी बारिश का अलर्ट, झारखंड में बिजली गिरने से 11 की मौत
करीब 15 दिनों तक छत्तीसगढ़ की सीमा पर ठहरा रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सोमवार को फिर रफ्तार पकड़ ली। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम प्रणाली (वेधर सिस्टम) के प्रभाव से मानसून ने दंतेवाड़ा के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र ने मानसूनी हवाओं को मजबूती दी है, जिससे मानसून आगे बढ़ने में सफल हुआ। छत्तीसगढ़ के अलावा मानसून ने महाराष्ट्र के भी कई और क्षेत्रों को कवर कर लिया है। अब इसके 25 जून के बाद मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।
बस्तर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी
छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री के साथ ही बस्तर संभाग के जिलों में मौसम का मिजाज बदल गया है। कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।
प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
25 जून के बाद मध्य प्रदेश पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार मानसून अब तेजी से उत्तर और पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं तो 25 जून के बाद मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून दस्तक दे सकता है। इससे राज्य के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
तमिलनाडु में दिखा धूल का बवंडर
तमिलनाडु के थूथूकोडी जिले में रविवार को एक तेज बवंडर देखने को मिला था, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। शुरुआती रिपोर्टों में इसे टॉरनेडो बताया गया था। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि यह टॉरनेडो नहीं था।
आईएमडी के मुताबिक यह घटना "लोकल कन्वेक्टिव वॉर्टेक्स" थी, जिसे सामान्य भाषा में धूल का बवंडर कहा जाता है। ऐसे बवंडर स्थानीय स्तर पर गर्म और ठंडी हवाओं के टकराव से बनते हैं और इनकी अवधि आमतौर पर कम होती है।
झारखंड में बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत
वहीं झारखंड में खराब मौसम और आकाशीय बिजली कहर बनकर टूटी। राज्य के विभिन्न जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है।
देशभर में बदल रहा मौसम का मिजाज
मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। जहां कुछ राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, वहीं कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।

