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विभिन्न पक्षों से अंतर्राष्ट्रीय कानून के शासन का पालन करने का 'वैश्विक शासन के मित्रों के समूह' का आह्वान

विभिन्न पक्षों से अंतर्राष्ट्रीय कानून के शासन का पालन करने का 'वैश्विक शासन के मित्रों के समूह' का आह्वान
विभिन्न पक्षों से अंतर्राष्ट्रीय कानून के शासन  का पालन करने का 'वैश्विक शासन के मित्रों के समूह' का आह्वान

बीजिंग, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र स्थित चीन के उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने 7 अक्टूबर को महासभा की छठी समिति के 'घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय कानून का शासन' एजेंडा के तहत 'वैश्विक शासन के मित्रों के समूह' की ओर से एक संयुक्त बयान दिया, जिसमें विभिन्न पक्षों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अधिकार को बनाए रखने और अंतर्राष्ट्रीय कानून के शासन का पालन करने का आह्वान किया गया।

संयुक्त बयान में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति अशांत है, क्षेत्रीय संघर्ष एक के बाद एक उभर रहे हैं, एकतरफावाद और सत्ता की राजनीति चरम पर है, वैश्विक प्रतिद्वंद्विता तीव्र हो रही है, अंतरराष्ट्रीय कानून का शासन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है, और मानवीय शांति और सुरक्षा गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।

संयुक्त बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय विधि के शासन को कायम रखने की नींव संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करने में निहित है। विभिन्न पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून की प्रामाणिकता और गंभीरता की रक्षा करनी चाहिए और इस पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को संयुक्त रूप से सुरक्षित रखना चाहिए। संप्रभुता का सिद्धांत आधुनिक अंतरराष्ट्रीय सम्बंधों की आधारशिला है, विभिन्न राज्यों की संप्रभुता और गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय नियमों का समान और एकसमान अनुप्रयोग सुनिश्चित करना संप्रभु समानता को कायम रखने की एक अंतर्निहित आवश्यकता है। सभी राज्यों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समान अधिकार और दायित्व प्राप्त हैं और दोहरे मापदंड और चयनात्मक अनुप्रयोग का पुरजोर विरोध किया जाता है।

संयुक्त बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि सभी देशों को विवाद समाधान के अपने तरीके चुनने का अधिकार है। "वैश्विक शासन के मित्रों के समूह" ने चार्टर के अनुसार और प्रत्येक देश द्वारा चुने गए तरीकों के माध्यम से सीमा विवादों सहित विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया और अंतरराष्ट्रीय सम्बंधों में बल प्रयोग या बल के खतरे का विरोध किया।

(साभार - चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

डीकेपी/

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