विभिन्न देशों के 40 सदस्यीय सिविल सेवकों के प्रतिनिधिमंडल ने गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक व्यवस्था को जाना
ग्रेटर नोएडा, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। विभिन्न देशों के 40 सदस्यीय सिविल सेवकों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को गौतमबुद्धनगर का प्रशासनिक भ्रमण किया। राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) की टीम के साथ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान विदेशी अधिकारियों ने जिले की प्रशासनिक संरचना, कार्यप्रणाली, विकास मॉडल, ई-गवर्नेंस और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी हासिल की।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला प्रशासन के अधिकारियों मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी और डिप्टी कलेक्टर डॉ. पूर्वा शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और शासन-प्रशासन के स्तर पर होने वाले कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिलाधिकारी एवं कलेक्टर के प्रमुख दायित्वों में राजस्व प्रशासन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन कार्य तथा सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि गौतमबुद्धनगर में तीन तहसील सदर, दादरी और जेवर तथा तीन विकासखंड बिसरख, दादरी और जेवर हैं। जिले में छह नगर निकाय भी कार्यरत हैं। प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल समेत विभिन्न स्तरों पर अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। इनके माध्यम से शासन की योजनाओं और नीतियों को आम नागरिकों तक पहुंचाया जाता है। संवाद के दौरान जिला प्रशासन की ओर से ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचारों के उपयोग की भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन द्वारा पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इनमें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, पीएम पोषण, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन प्रमुख हैं।
इसके अलावा राज्य सरकार की शादी अनुदान योजना, अटल आवासीय विद्यालय, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, एक जनपद एक उत्पाद, मुख्यमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाता है, ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद और पात्र लोगों तक पहुंच सके। प्रतिनिधिमंडल के साथ गौतमबुद्धनगर की प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि जिले की प्रशासनिक संरचना अन्य जनपदों की तुलना में विशिष्ट है। नियोजित शहरी विकास और विस्तार से जुड़े कार्यों के लिए जिले में तीन विकास प्राधिकरण कार्यरत हैं। वहीं कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग के लिए पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। बैठक के दौरान विभिन्न देशों से आए सिविल सेवकों और गौतमबुद्धनगर के अधिकारियों ने अपने-अपने प्रशासनिक अनुभव साझा किए। सुशासन को अधिक प्रभावी बनाने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, तकनीकी नवाचारों के इस्तेमाल और विभिन्न देशों के बीच प्रशासनिक ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के तहत तैयार किए गए उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी भू-अधि अरुण कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर पूर्वा शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुराग सारस्वत, और प्रभारी जिला विकास अधिकारी नेहा सिंह समेत विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीपी शर्मा भी उपस्थित रहे।
--आईएएनएस
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