वेनेजुएला की मचाडो निर्वासन से लौटीं: समर्थकों ने किया भव्य स्वागत, बोलीं- ये दिन याद रखा जाएगा
काराकास, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। 10 महीने से ज्यादा समय तक निर्वासन में रहने के बाद, वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो अपने देश लौट आई हैं। समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने कहा कि ये दिन हमेशा याद रहेगा।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक के बाद एक कई वीडियो पोस्ट किए, जिसमें वह अपनी कार के चारों ओर मौजूद समर्थकों की भीड़ का अभिवादन कर रही हैं। समर्थक खुशी से झूम रहे थे, वेनेजुएला के झंडे लहरा रहे थे और तेज़ आवाज़ में उत्साहपूर्ण संगीत बज रहा था।
समर्थकों के जोश से उत्साहित मचाडो ने कहा, "सभी के लिए ये दिन यादगार रहेगा; हम लोग मिलकर स्वतंत्रता हासिल करेंगे।"
बाद में, उन्होंने पोस्ट किया कि वह राजधानी काराकास पहुंच गई हैं। वहां भी उनका स्वागत करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो उनके काफिले के साथ चल रही थी। लोग उन्हें एक झलक देखने के लिए ओवरपास और राजमार्गों पर जमा हो गए थे, और रात के अंधेरे में हर तरफ फोन के कैमरों की फ्लैश चमक रही थी।
नोबेल पुरस्कार विजेता मचाडो हाल के वर्षों में वेनेजुएला में लोकतंत्र के लिए अपनी अडिग लड़ाई के कारण चर्चा में आईं। उन्होंने पूर्व तानाशाह निकोलस मादुरो (जिन्हें अब सत्ता से हटा दिया गया है) का डटकर सामना किया था। वेनेजुएला के विवादित 2024 राष्ट्रपति चुनाव के बाद वह ज्यादातर समय छिपकर रहीं। उस चुनाव में सरकार के नियंत्रण वाले चुनाव अधिकारियों ने मादुरो को विजेता घोषित कर दिया था, जिससे वह सत्ता में बने रहे। आखिरकार, जनवरी में अमेरिकी विशेष बलों ने एक अभियान चलाकर उन्हें पकड़ लिया।
मचाडो की वापसी ने वेनेजुएला सरकार के अनिश्चित भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। देश में अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत के जरिए लोकतंत्र की ओर बढ़ने की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन अब तक इन बातचीत में मचाडो को शामिल नहीं किया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उनकी वापसी के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि वह सुरक्षित होंगी।
सीएनएन के अनुसार, उन्होंने कहा, "मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन मुझे लगता है कि वह बहुत अच्छी महिला हैं। उन्होंने मुझे अपना नोबेल पुरस्कार दिया था, तो मैं उनके बारे में कुछ और कैसे कह सकता हूं? मुझे उम्मीद है कि वह सुरक्षित हैं।"
मचाडो दिसंबर में नॉर्वे गई थीं, जहां उन्हें अपने देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए 'नोबेल शांति पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।
--आईएएनएस
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