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'वे शिवसेना के 'रिजीम चेंज' को नहीं रोक पाए', सीएम देवेंद्र फडणवीस का उद्धव ठाकरे पर तंज

'वे शिवसेना के 'रिजीम चेंज' को नहीं रोक पाए', सीएम देवेंद्र फडणवीस का उद्धव ठाकरे पर तंज
'वे शिवसेना के 'रिजीम चेंज' को नहीं रोक पाए', सीएम देवेंद्र फडणवीस का उद्धव ठाकरे पर तंज

नागपुर, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की ओर से 'रिजीम चेंज' का समर्थन किए जाने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा है। सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि वे शिवसेना के 'रिजीम चेंज' को नहीं रोक पाए, वे दूसरी कौन सी 'रिजीम चेंज' की बात कर रहे हैं, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है।

पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "जब उनकी (उद्धव ठाकरे) पार्टी ने हिंदुत्व और बाला साहेब ठाकरे के विचारों से दूरी बनाई, तभी पार्टी के भीतर मतभेद बढ़े। जो लोग बाला साहेब के विचारों पर चलना चाहते थे, उन्होंने अलग होकर असली शिवसेना का गठन किया।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं पहले भी स्पष्ट कर चुका हूं कि किसी को भी भारत के संविधान से टकराव की राजनीति नहीं करनी चाहिए। देश में सभी फैसले संविधान और संसदीय व्यवस्था के तहत ही लिए जाएंगे। लोकतंत्र में निर्णय सड़कों पर नहीं, बल्कि चुनावों के माध्यम से जनता द्वारा किए जाते हैं।"

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "अभी पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार है और फिर वो चुनकर आएगी। लेकिन अगर वे 'रिजीम चेंज' करना चाहते है तो चुनाव में ही उतरना होगा। लोगों का दिल जीतना होगा और चुनाव जीतने होंगे। जो ख्वाब देख रहे हैं कि देश में भी संविधान को नकार कर नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी 'रिजीम चेंज' करेंगे तो उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। भारत में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान है।"

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "क्या लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन की मांग करना कोई अपराध है? यहां एक तानाशाही सरकार चल रही है और वह भी अवैध तरीकों से। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त 'माफिया' ज्ञानेश कुमार की मदद ली जा रही है, जो भाजपा के एजेंट हैं। चुनावों में घोटाले हुए हैं अगर हम इस सरकार को हटाकर बदलाव लाना चाहते हैं, तो यह राष्ट्रीय हित का मामला है।"

संजय राउत ने आगे कहा, "लोकतंत्र को बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी है। चाहे प्रशांत भूषण हों, राहुल हों, उद्धव हों या ममता बनर्जी, हम सभी एक सुर में बोलेंगे। हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। हम 6 महीने के भीतर महाराष्ट्र और पूरे देश में यह बदलाव लाएंगे।"

--आईएएनएस

एसडी/एएस

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