पक्षी सप्ताह का ‘बहार’दार शुभारंभ, विद्यार्थियों को पक्षी निरीक्षण की ‘नई तालीम’ मिली
वर्धा, 5 नवंबर (आईएएनएस)। पक्षी निरीक्षण को केवल पक्षियों को देखने तक सीमित न रखते हुए इसे अपने भाव और जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। यह आह्वान सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान के सचिव विजय तांबे ने बहार नेचर फाउंडेशन, वन विभाग और बोर बाघ परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पक्षी सप्ताह के उद्घाटन समारोह में किया।
सेवाग्राम आश्रम परिसर स्थित शांति भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन नई तालीम के सचिव कृणाल देसाई ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बहार के अध्यक्ष संजय इंगले तिगावकर ने की। इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी वैशाली भलावी, बहार के पूर्व अध्यक्ष प्रा. किशोर वानखड़े तथा आनंद निकेतन की मुख्याध्यापिका जयमाला गावंडे प्रमुख रूप से उपस्थित थीं।
कृणाल देसाई ने कहा कि पक्षी निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को पक्षियों के रंग-रूप, आवास और भोजन संबंधी जानकारी दर्ज करने के साथ ही उनके व्यवहार का भी अध्ययन करना चाहिए। वहीं, प्रा. किशोर वानखड़े ने कहा कि जंगल प्राकृतिक रूप से विकसित होते हैं, इसलिए केवल पौधरोपण के माध्यम से जंगलों की कमी पूरी नहीं की जा सकती।
उन्होंने अपने संबोधन में जंगलों के संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। वैशाली भलावी ने कहा कि बहार नेचर फाउंडेशन के प्रयासों से वन विभाग को पक्षी सप्ताह जैसी पहल की सौगात मिली है। पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के प्रति अधिक संवेदनशील और जागरूक होने की आवश्यकता है।
संजय इंगले तिगावकर ने कहा कि त्योहारों और अन्य अवसरों पर की जाने वाली आतिशबाजी केवल पक्षियों के लिए ही नहीं, बल्कि मानव जीवन और संपूर्ण पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने सभी से पटाखामुक्त दीपावली मनाने की अपील की।
कार्यक्रम की शुरुआत पौधे को जल अर्पित कर पक्षी सप्ताह के उद्घाटन के साथ हुई। इस अवसर पर आनंद निकेतन के विद्यार्थियों ने कवि अनंत भीमनवार द्वारा लिखित गीत ‘पाखरों की शाला’ प्रस्तुत किया।
बहार के सचिव दर्शन दूधाने ने प्रस्तावना में बहार नेचर फाउंडेशन की अब तक की यात्रा का परिचय देते हुए पक्षी सप्ताह के आयोजन के पीछे की भूमिका स्पष्ट की। अतुल शर्मा ने आगामी वर्ष वर्धा जिले में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय पक्षी मित्र सम्मेलन की तैयारियों के संबंध में विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन बहार के उपाध्यक्ष दीपक गुढेकर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष आकाश जयस्वाल ने किया।
कार्यक्रम के आयोजन में सहसचिव देवर्षि बोबडे, पल्लवी बोदिले, याकूब शेख, जयंत सबाने, विद्यालय की संचालिका सुषमा शर्मा, जयश्री कामडे, शंकर भोयर, शैलेंद्र कांबले, सुरेश सदार, अमोल मानकर, तृप्ति शिंगारे सहित संपूर्ण शिक्षकवृंद एवं बहार के सदस्यों का सहयोग रहा।
उद्घाटन से पहले विद्यालय के विद्यार्थियों ने परिसर के खेतों और तालाबों में पक्षी निरीक्षण किया तथा उसका प्रतिवेदन कार्यक्रम में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम स्थल पर जिले में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के छायाचित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी।
इस पक्षी सप्ताह के दौरान निसर्ग सेवा समिति का ऑक्सीजन पार्क, रोठा तालाब, मदन बांध (जामनी), दिग्रज तालाब, इंझापुर पहाड़ी तथा पवनार स्थित धाम नदी जैसे विभिन्न पक्षी आवासों में पक्षी निरीक्षण किया जाएगा। सप्ताह का समापन गुरुवार, 12 नवंबर को बोर बाघ परियोजना क्षेत्र में होगा।
--आईएएनएस
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