Samachar Nama
×

वंदे मातरम विवाद पर बोले पप्पू यादव- शिक्षा के असली मुद्दों से भटका रहे

वंदे मातरम विवाद पर बोले पप्पू यादव- शिक्षा के असली मुद्दों से भटका रहे
वंदे मातरम विवाद पर बोले पप्पू यादव- शिक्षा के असली मुद्दों से भटका रहे

पटना, 20 अगस्त (आईएएनएस)। वंदे मातरम विवाद को लेकर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी में जिनकी कोई भूमिका नहीं थी, वो अब वंदे मातरम पर सवाल उठा रहे हैं। पप्पू यादव ने इसे 'नफरत और बांटने वाली राजनीति' बताते हुए कहा कि असली मुद्दा टीआरई-4, बीपीएससी, बीएससी, महंगाई, रोजगार और शिक्षा है।

वंदे मातरम के छंद को लेकर हो रहे विवाद पर सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा, "सावरकर ने तो भगवान के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा किया। आजादी में जिनकी कोई भूमिका नहीं, वो वंदे मातरम के बारे में क्या जानेंगे!"

उन्होंने आगे कहा कि मुद्दा है टीआरई-4, आपने गलत तरीके की वजह से स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से अब 4 लाख रुपए नहीं मिलेगा, मुद्दा बीएसएससी, बीपीएससी है। जब हम एसटीईटी में हम आ ही गए हैं, हमारी एक प्रतियोगिता हो गई। फिर दूसरी, तीसरी प्रतियोगिता आप क्यों ला रहे हो? क्यों आप बोझ डाल रहे हो? टीआरई 4 पर भी बोझ डालोगे, अन्य चीजों पर भी बोझ डालोगे? तो मुद्दा है हमारा रोजगार, कर्ज, मजदूर और शिक्षा है। इस देश में जेन-जी और जेन अल्फा के लिए मुद्दा है उसका रोजगार, उसकी नौकरी, उसकी शिक्षा, उसका स्वास्थ्य! कौन सुनने को बैठा हुआ है? स्वतंत्र विचार हैं। सभी लोग अपने-अपने विचारों के साथ ऐसी चीजों को आत्मसात करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ये नफरत की और बांटने वाली राजनीति है। जो मनुस्मृति के अलावा दूसरी बात ही नहीं करता है! ये भारत माता की बात करेगा?

टीआरई4 को लेकर प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स के लिए उन्होंने कहा, "देखिए, शिक्षा मंत्री को कुछ अता-पता नहीं है। जेन-जी, जेन अल्फा और बच्चों पर वो तंज कसते हैं। लोग आपको जानकर क्या करेंगे? वो संविधान को, अपने भविष्य को, अपनी जिंदगी के बारे में जानते हैं। नेगेटिव मार्क्स आप कैसे बच्चों को देंगे? ये कौन सा कानून है? आपने कैसे ये निर्णय लिया? आप हमेशा नए-नए निर्णय आप लेते जाते हो।

झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को लेकर सांसद पप्पू यादव ने कहा, "आज झारखंड में हाई कोर्ट ने रोक लगा दी। बच्चों के भीतर आग तो जलेगी। बच्चे अपनी जिंदगी तो जिएंगे। गलत तो गलत है। कोर्ट ने रोक लगा दी, तो लोग सम्मान करेंगे, लेकिन पहले आप पूरी जांच करा लेते? जो दोषी है, सरकार में आप उसको सजा दीजिएगा कि बच्चों को सजा दीजिएगा? बच्चों ने क्या बिगाड़ा? क्या बच्चों ने कॉपी में बदमाशी की? बदमाशी किया ब्लैकलिस्टेड कंपनी, बदमाशी किया पदाधिकारी, आप उनकी जांच कराइए। आप हाई कोर्ट की निगरानी में जांच कराइए। दोनों तरफ से बच्चे बर्बाद हो रहे हैं। हमें तो इस देश के बारे में कुछ समझ ही नहीं आ रहा है! इसीलिए आंदोलन को पूरी समर्थन मिलेगी, इसमें कोई बहस नहीं।"

उन्होंने कहा कि महंगाई से जनता को कोई मतलब है? डीजल, पेट्रोल, इथेनॉल से पूरी जिंदगी, पूरे हर लोगों की जिंदगी तबाह हो रही है। आप जिधर हाथ डालेंगे महंगाई देखेंगे। आम आदमी की जिंदगी तबाह कर चुके हैं ये लोग। भाजपा चीनी, इथेनॉल, मंदिर में चोरी का जवाब दें। क्यों मंदिर चोरी का जवाब नहीं दे रहे हैं? क्यों चंपत राय को क्लीन चिट दे रहे हैं? क्यों अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दे रहे हैं? क्यों गोविंद गिरि को क्लीन चिट दे रहे हैं? मंदिर का पैसा कहां गया?

--आईएएनएस

केके/

Share this story