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'वंदे मातरम' विवाद गहराया, जयंत चौधरी से लेकर मनीषा कायंदे तक ने सोनिया गांधी पर साधा निशाना

'वंदे मातरम' विवाद गहराया, जयंत चौधरी से लेकर मनीषा कायंदे तक ने सोनिया गांधी पर साधा निशाना
'वंदे मातरम' विवाद गहराया, जयंत चौधरी से लेकर मनीषा कायंदे तक ने सोनिया गांधी पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। एआईसीसी मुख्यालय में 'वंदे मातरम' बजने के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की प्रतिक्रिया को लेकर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को एनडीए नेताओं ने कहा कि वंदे मातरम का अपमान देश का अपमान है और इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व को देश से माफी मांगनी चाहिए।

कोलकाता में केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा, "हर किसी को 'वंदे मातरम' के बारे में संसद द्वारा पारित कानून का सम्मान करना चाहिए और इसके प्रति लोगों की भावनाओं का आदर करना चाहिए। मुझे समझ नहीं आता कि सोनिया गांधी ने ऐसा क्यों किया।"

दिल्ली में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' का अपमान साफ दिख रहा है।

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "हम सबने वह वीडियो देखा है जिसमें कांग्रेस हेडक्वार्टर में 'वंदे मातरम' का अनादर और अपमान होते हुए दिखाया गया है। चाहे 'वंदे मातरम' हो या हमारा राष्ट्रगान 'जन गण मन', जब भी ये बजते या गाए जाते हैं, तो तुरंत खड़े होना जरूरी होता है। हालांकि, 'वंदे मातरम' गाए जाने के दौरान सोनिया गांधी ने जो किया, वह 'वंदे मातरम' का सीधा अपमान है।"

हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा के अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पूरे देश में सोनिया गांधी के 'वंदे मातरम' गाए जाने के दौरान किए गए व्यवहार की निंदा हो रही है। यह बात टीवी स्क्रीन पर दिखी और देश में हर किसी ने इसे देखा। यहां तक ​​कि बंगाल के लोग भी, जहां 'वंदे मातरम' लिखा गया था, बहुत नाराज थे। पूरा देश नाराज है।"

उन्होंने मांग की, "अब सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खड़गे - इन तीनों को 'वंदे मातरम' का अपमान करने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। 'वंदे मातरम' हमारा राष्ट्रीय गीत है और हर कार्यक्रम और हर जगह इसे पूरा गाना जरूरी है।"

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, "मैंने यह देखा और मुझे यह अजीब लगा। ऐसे समय में जब आपको सावधान की मुद्रा में खड़े होना चाहिए, तब गाना रोकने के लिए कहा जा रहा था। भारत में लोगों से 'वंदे मातरम' गाना रोकने के लिए कहना कैसे स्वीकार्य हो सकता है?"

मुंबई में शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने इस घटना को अपराध की संज्ञा दी। उन्होंने कहा, "यह गलत है। यह एक अपराध है। उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए क्योंकि 'वंदे मातरम' हमारा देशभक्तिपूर्ण राष्ट्रीय गीत है और इसे इस तरह रोकने की कोशिश करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।"

वहीं, हैदराबाद में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी. आर. केसवन ने कहा, "पूरा 'वंदे मातरम' गाने से रोकने की कोशिश करके सोनिया गांधी ने जो गंभीर गलती की है, वह एक ऐसी हरकत है जिसका कोई बचाव नहीं किया जा सकता। यह कोई भूल-चूक नहीं, बल्कि शर्मनाक था। हमारे राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अपमान करने के लिए उन्हें पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। 1905 में, ब्रिटिश शासन ने 'वंदे मातरम' को सार्वजनिक रूप से गाने पर रोक लगा दी थी और इसे अपराध घोषित कर दिया था। दुर्भाग्य की बात है कि आज कांग्रेस की सोच भी ब्रिटिश शासन जैसी हो गई है।"

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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