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वंदे मातरम के आपमान और राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में कार्रवाई हो: महंत राजू दास

वंदे मातरम के आपमान और राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में कार्रवाई हो: महंत राजू दास
वंदे मातरम के आपमान और राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में कार्रवाई हो: महंत राजू दास

चंदौली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। वंदे मातरम और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं से आस्था से जुड़े विषयों का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी या अपमान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर महंत राजू दास ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मामलों का संज्ञान लिया है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है, उसी तरह दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पहले भी स्पष्ट किया है कि मंदिर से जुड़े चढ़ावे या अन्य मामलों में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजू दास ने कहा कि ऐसे मामलों में सभी साक्ष्य सामने आने चाहिए और दोषियों को किसी भी स्थिति में बचना नहीं चाहिए।

महंत राजू दास ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को आस्था से जुड़े मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। जिन लोगों ने धार्मिक आस्था के कारण किसी मंदिर या धार्मिक स्थल के लिए अपना योगदान दिया है, उनके विश्वास के साथ किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग समय और परिस्थिति के अनुसार अपना राजनीतिक रुख बदलते हैं। ऐसे लोगों को राम मंदिर, सनातन, संस्कृति और हिंदू समाज से जुड़े विषयों पर राजनीति करने के बजाय आस्था का सम्मान करना चाहिए।

राम जन्मभूमि परिसर में पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किए जाने के फैसले का महंत राजू दास ने समर्थन किया। उन्होंने इसे अच्छी पहल बताते हुए कहा कि धार्मिक और तीर्थ क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को वहां की मर्यादा और परंपराओं के अनुरूप आचरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में वेशभूषा और पहचान का विशेष महत्व है। महंत ने अपने साधु जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि साधु की पहचान उसके चंदन, माला और पारंपरिक वेश से होती है। उन्होंने मीडिया कर्मियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह पत्रकारों की पहचान उनके माइक और अन्य उपकरणों से होती है, उसी तरह धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग जिम्मेदारियों के अनुरूप ड्रेस कोड होने से लोगों की पहचान स्पष्ट रहती है। धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने और सनातन परंपरा की पहचान को बरकरार रखने के लिए निर्धारित वेशभूषा उपयोगी हो सकती है।

वंदे मातरम को लेकर साध्वी ऋतंभरा की टिप्पणी और सोनिया गांधी पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर महंत राजू दास ने एक कांग्रेस सांसद के कथित बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रास्ते में आते समय उन्होंने एक कांग्रेस सांसद को यह कहते सुना कि उन्होंने कभी वंदे मातरम नहीं कहा और आगे भी नहीं कहेंगे। महंत ने कहा कि इस तरह के बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वंदे मातरम किसी व्यक्ति या किसी समुदाय की आराधना नहीं है, बल्कि उनके अनुसार यह राष्ट्र और उस भूमि के प्रति सम्मान का प्रतीक है जिस पर लोग रहते हैं। भारत की मिट्टी और मातृभूमि के प्रति सम्मान को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, वंदे मातरम को लेकर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को लेकर भी महंत राजू दास ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी की कथित प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे आपत्तिजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम के दौरान भारतीय संस्कृति और देवी-देवताओं से जुड़े शब्दों के उच्चारण के समय सोनिया गांधी की प्रतिक्रिया असामान्य थी। महंत ने कहा कि देश और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों के प्रति सम्मान होना चाहिए और ऐसे मामलों में राजनीतिक मतभेदों को बीच में नहीं लाना चाहिए।

महंत राजू दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी राष्ट्रीय प्रतीक या राष्ट्र की भावनाओं से जुड़े विषय का अपमान हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने की प्रक्रिया का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि यदि न्यायपालिका ने दूसरे मामलों में स्वतः संज्ञान लिया है तो वंदे मातरम से जुड़े विवाद पर भी संज्ञान क्यों नहीं लिया गया। वह इस मामले को लेकर अदालत का रुख करने और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश करेंगे।

--आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी

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