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वंदे मातरम वफादारी का टेस्ट नहीं, वीडियो में देखें ओवैसी बोले- संविधान ‘हम लोग’ से शुरू होता है, नारों से नहीं

वंदे मातरम वफादारी का टेस्ट नहीं, वीडियो में देखें ओवैसी बोले- संविधान ‘हम लोग’ से शुरू होता है, नारों से नहीं

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वंदे मातरम और देशभक्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाना या उसका सम्मान करना देश के प्रति वफादारी की परीक्षा नहीं माना जाना चाहिए।

समाचार एजेंसी ANI को शुक्रवार को दिए एक इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान ‘हम लोग’ (We the People) शब्दों से शुरू होता है, न कि ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों से। उन्होंने कहा कि देश की असली ताकत उसका संविधान है और उसी के आधार पर नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य तय होते हैं।

ओवैसी ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत को एक धार्मिक राष्ट्र बनाना चाहते हैं, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार प्राप्त हैं।

AIMIM प्रमुख ने आगे कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 सभी नागरिकों को धर्म की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है। इसके तहत हर व्यक्ति को अपने धर्म को मानने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की आजादी है।

ओवैसी ने कहा कि देशभक्ति को किसी एक नारे या गीत से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश के प्रति वफादारी संविधान के प्रति सम्मान और उसके नियमों का पालन करने से साबित होती है।

ओवैसी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि उनके इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल, इस मुद्दे ने एक बार फिर देश में देशभक्ति, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है।

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