Samachar Nama
×

वैश्विक तनावों के बीच भी देश में ईंधन की सप्लाई सामान्य, अब तक 1.65 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गैस की हुई बिक्री: सरकार

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और नागरिकों को घबराकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है।
वैश्विक तनावों के बीच भी देश में ईंधन की सप्लाई सामान्य, अब तक 1.65 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गैस की हुई बिक्री: सरकार

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और नागरिकों को घबराकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है।

सरकार ने बताया कि मौजूदा हालात के बावजूद घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी (ट्रांसपोर्ट) की 100 प्रतिशत सप्लाई जारी है। कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर (एफटीएल) की सप्लाई भी दोगुनी कर दी गई है।

सरकार ने सप्लाई और डिमांड को संतुलित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, गैस बुकिंग के अंतराल को शहरों में 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन करना। साथ ही एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।

सरकार के मुताबिक, भू-राजनीतिक हालात के कारण एलपीजी सप्लाई पर कुछ असर जरूर पड़ा है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। देश में कहीं भी गैस की कमी (ड्राई-आउट) की स्थिति नहीं आई है। ऑनलाइन गैस बुकिंग बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है और डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) के जरिए लगभग 93 प्रतिशत डिलीवरी की जा रही है, जिससे गड़बड़ी रोकी जा सके।

कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई भी बढ़ाई गई है और अप्रैल 2026 में अब तक 1.65 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गैस की बिक्री हो चुकी है। छोटे 5 किलो सिलेंडर की बिक्री भी तेजी से बढ़ी है और जागरूकता कैंप के जरिए लोगों को इसकी जानकारी दी जा रही है।

सरकार ने प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को बढ़ावा देने के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं। घरेलू और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में 100 प्रतिशत गैस सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरक और अन्य उद्योगों को भी पर्याप्त गैस दी जा रही है।

मार्च 2026 से अब तक करीब 5.52 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और 2.63 लाख अतिरिक्त कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इसके अलावा 6.21 लाख से ज्यादा नए उपभोक्ता रजिस्टर हो चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि 42,600 से ज्यादा लोगों ने पीएनजी अपनाने के बाद अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर भी कर दिया है।

सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पर नजर रखें और जमाखोरी या कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2000 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

देशभर में कंट्रोल रूम और जिला स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटियां बनाई गई हैं। रोजाना निरीक्षण और छापेमारी भी की जा रही है। हाल ही में 1,800 से ज्यादा छापे मारे गए, जिसमें कई मामलों में कार्रवाई की गई। सरकारी तेल कंपनियों ने भी 310 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया है और 71 की एजेंसियां निलंबित की गई हैं।

सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की अनावश्यक खरीदारी से बचें। साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। एलपीजी उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे गैस बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं। इसके अलावा सरकार ने लोगों को पीएनजी, इलेक्ट्रिक और इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधन अपनाने और ऊर्जा की बचत करने के लिए भी प्रेरित किया है।

--आईएएनएस

डीबीपी

Share this story

Tags