Samachar Nama
×

'वादे कितने पूरे हुए?' बजट पेश होने से पहले डिंपल यादव ने उठाए सावल

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। संसद के बजट सत्र और आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार से आम जनता के हितों पर ध्यान देने की मांग की है। समाजवादी पार्टी और बीजू जनता दल के सांसदों ने कहा कि बजट और सर्वे केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर लोगों को मिलने वाले लाभों की सच्ची तस्वीर सामने आए।
'वादे कितने पूरे हुए?' बजट पेश होने से पहले डिंपल यादव ने उठाए सावल

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। संसद के बजट सत्र और आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार से आम जनता के हितों पर ध्यान देने की मांग की है। समाजवादी पार्टी और बीजू जनता दल के सांसदों ने कहा कि बजट और सर्वे केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर लोगों को मिलने वाले लाभों की सच्ची तस्वीर सामने आए।

समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि बजट में इस बात को प्रमुखता से दिखाया जाना चाहिए कि आम लोगों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सराहनीय है कि देश की एक महिला वित्त मंत्री बजट पेश कर रही हैं, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी यह है कि जनता को वास्तविक लाभ क्या मिल रहा है।

डिंपल यादव ने सवाल उठाया कि पिछले बजटों में किए गए वादे कितने पूरे हुए हैं और उन योजनाओं का असर लोगों की जिंदगी में कितना दिख रहा है।

समाजवादी पार्टी के ही सांसद जियाउर रहमान बर्क ने भी इसी तरह की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि महिला वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किया जाना खुशी की बात है, लेकिन असली मुद्दा बजट की सामग्री है।

उन्होंने सवाल किया कि इस बजट में युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मजदूरों के लिए क्या खास है। उनके मुताबिक, बजट का असली मूल्यांकन इस बात से होगा कि वह आम लोगों के हितों को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाता है।

उधर, राज्यसभा सदस्य और बीजू जनता दल के नेता सस्मित पात्रा ने संसद में पेश हो रहे आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर अपनी उम्मीदें जाहिर कीं।

उन्होंने कहा कि यह सर्वे देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति को ईमानदारी से सामने रखे और मौजूदा चुनौतियों को नजरअंदाज न करे। सस्मित पात्रा ने महंगाई, बेरोजगारी, डॉलर के मुकाबले रुपए के अवमूल्यन, पूंजी निवेश से जुड़ी दिक्कतों और वित्तीय ढांचे से संबंधित समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट और सच्ची तस्वीर पेश की जानी चाहिए।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

Share this story

Tags