उत्तरकाशी राष्ट्रीय लोक अदालत में 282 मामलों का निस्तारण, 2.41 करोड़ रुपए से अधिक की समझौता राशि
उत्तरकाशी, 12 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी द्वारा शनिवार को जिला न्यायालय परिसर उत्तरकाशी तथा बाह्य न्यायालयों पुरोला और बड़कोट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के कुल 282 मामलों का सफल निस्तारण किया गया तथा 2,41,89,559 रुपए से अधिक की समझौता राशि तय की गई।
जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मलिक मजहर सुल्तान की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में वादकारियों ने आपसी सुलह और समझौते के आधार पर लंबित मामलों का निस्तारण कराया। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम हुआ, बल्कि पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय भी प्राप्त हुआ।
लोक अदालत में जिला जज की पीठ में 23 मामलों का निस्तारण कर 24.85 लाख रुपए तथा कुटुम्ब न्यायालय के 22 मामलों में 4.19 लाख रुपए की समझौता राशि तय की गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभय सिंह की पीठ में 31 मामलों का निस्तारण करते हुए 34.27 लाख रुपए की समझौता राशि निर्धारित हुई।
न्यायिक मजिस्ट्रेट करिश्मा डंगवाल की पीठ में 22 न्यायालयीन मामलों का निस्तारण कर 7 लाख रुपये तथा 39 प्री-लिटिगेशन मामलों में 34.84 लाख रुपये की समझौता राशि तय की गई।
वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट योगीश गुप्ता की बड़कोट स्थित पीठ में 17 मामलों का निस्तारण कर 16.50 लाख रुपए तथा 24 प्री-लिटिगेशन मामलों में 12.25 लाख रुपए की राशि पर समझौता हुआ।
पुरोला स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक शर्मा की पीठ में 23 मामलों का निस्तारण कर 30.47 लाख रुपए तथा 33 प्री-लिटिगेशन मामलों में 31.49 लाख रुपए की समझौता राशि तय की गई। इसके अतिरिक्त उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी की पीठ में भी 14 मामलों का सफल निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सचिन कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आमजन को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और आपसी सहमति से विवादों का स्थायी समाधान संभव हो पाता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी रही, जिससे आयोजन सफल रहा।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी

