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उत्तरकाशी: धराली आपदा के एक वर्ष बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण को मिली नई रफ्तार

उत्तरकाशी: धराली आपदा के एक वर्ष बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण को मिली नई रफ्तार
उत्तरकाशी: धराली आपदा के एक वर्ष बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण को मिली नई रफ्तार

उत्तरकाशी, 4 अगस्‍त (आईएएनएस)। धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के एक वर्ष बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों ने नई गति पकड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन तथा जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, आवास, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं की बहाली का लाभ लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रशासन का दावा है कि पुनर्वास कार्यों के साथ भविष्य में आपदा जोखिम कम करने के लिए सुरक्षात्मक परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है।

आपदा में मृतकों के आश्रितों को एसडीआरएफ मानकों के तहत चार लाख रुपए तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपए, कुल पांच लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई। शासन की गाइडलाइन के अनुसार, 19 लापता व्यक्तियों को मृत घोषित कर उनके आश्रितों को भी आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। 18 घायलों को निर्धारित मानकों के अनुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई गई।

पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 115 आवासीय भवनों के स्वामियों को पांच-पांच लाख रुपए की दर से कुल 5.75 करोड़ रुपए की सहायता दी गई, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवनों एवं अन्य प्रभावित परिवारों को भी नियमानुसार राहत राशि वितरित की गई। बेघर हुए 115 परिवारों को छह माह तक प्रति माह चार हजार रुपए की दर से किराया सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए धराली और हर्षिल क्षेत्र के होटल एवं दुकान संचालकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दी गई। अब तक होटल स्वामियों को 6.83 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता वितरित की जा चुकी है तथा शेष प्रकरणों में स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

सिंचाई विभाग ने भागीरथी, खीर गाड़ और तेल गाड़ में नदी चैनलाइजेशन, मलबा हटाने, तट सुरक्षा, सुरक्षात्मक दीवार, वायर क्रेटिंग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग और आवासीय क्षेत्रों की सुरक्षा सहित लगभग 3.85 करोड़ रुपए की लागत से 15 सुरक्षात्मक कार्य स्वीकृत किए हैं। अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य प्रगति पर हैं।

बागवानी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए उद्यान विभाग ने 2.34 करोड़ रुपए की योजनाएं संचालित कीं। इसके तहत 256.83 मीट्रिक टन सेब का उपार्जन कर 1.15 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे बागवानों के खातों में भेजी गई। साथ ही कोरोगेटेड बॉक्स, प्लास्टिक क्रेट, सब्जी बीज, फल पौध, कीटनाशक और कृषि सामग्री अनुदान पर वितरित की गई। राहत एवं बचाव कार्यों में लगे दलों के लिए स्थानीय किसानों से 38.11 कुंतल सब्जियों की भी खरीद की गई।

लोक निर्माण विभाग भटवाड़ी ने धराली पुल, हर्षिल मोटर मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग संपर्क और वैकल्पिक मार्गों के सुधार सहित 88.25 लाख रुपए के सभी स्वीकृत कार्य पूरे कर लिए हैं, जिससे क्षेत्र में आवागमन सामान्य हुआ है।

कृषि विभाग ने 40.92 लाख रुपए की लागत से 274 किसानों को कृषि यंत्र एवं कृषि निवेश सामग्री शत-प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराई। इसके अलावा सूक्ष्म सिंचाई के लिए जियो-लाइन टैंक और स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित किए गए। पशुपालन विभाग ने आपदा में मृत 235 पशुओं की क्षतिपूर्ति के लिए 13 पशुपालकों को 10.94 लाख रुपए की सहायता दी तथा भेड़-बकरी पालन और पशु चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से आजीविका संवर्धन के प्रयास किए।

इसके अतिरिक्त यूरेडा, वन विभाग, विद्युत, पर्यटन, शिक्षा, खाद्य आपूर्ति, रीप, ग्राम्य विकास और अन्य विभागों ने सोलर स्ट्रीट लाइट, ट्रैकिंग मार्ग, स्मार्ट स्कूल, सुरक्षा दीवारों, पंचायत चौक विकास तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई कार्य पूरे किए हैं, जबकि कुछ परियोजनाएं प्रगति पर हैं।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों का सुरक्षित और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वय से पुनर्निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है और प्रत्येक पात्र परिवार तक सहायता पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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