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उत्तराखंड: टिहरी में मशरूम उत्‍पादन से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, सरकार की पहल से बढ़ रही आय

उत्तराखंड: टिहरी में मशरूम उत्पादन से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, सरकार की पहल से बढ़ रही आय
उत्तराखंड: टिहरी में मशरूम उत्‍पादन से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, सरकार की पहल से बढ़ रही आय

टिहरी, 11 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के टिहरी जिले में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। नरेंद्र नगर, जौनपुर, कीर्तिनगर, चंबा और घनसाली समेत कई विकासखंडों में महिलाओं द्वारा मशरूम की खेती तेजी से की जा रही है, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी मजबूती मिल रही है।

राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल स्वयं विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। मशरूम उत्पादन के अलावा महिलाओं को अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों और डायमंड फ्रूट्स के उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में उनकी आय के नए स्रोत विकसित हो सकें।

टिहरी गढ़वाल की मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि जिले में बड़ी संख्या में होटल, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे मशरूम की मांग लगातार बनी रहती है। इसी आवश्यकता को देखते हुए प्रशासन ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार के मशरूम के उत्पादन के लिए प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया है, ताकि स्थानीय स्तर पर मांग की पूर्ति के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित कीर्तिनगर और देवप्रयाग क्षेत्र में विशेष रूप से बटर मशरूम का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा है। इसके साथ ही मशरूम आधारित बेकरी इकाइयों की भी स्थापना की गई है, जिनका संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। इन इकाइयों से हर महीने एक लाख रुपए से अधिक की बिक्री हो रही है, जिससे महिलाओं की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

वरुणा अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन का प्रयास उन क्षेत्रों में महिलाओं को मशरूम उत्पादन के लिए अधिक से अधिक प्रेरित करना है, जहां होटल उद्योग और बेहतर बाजार उपलब्ध हैं। उनका मानना है कि इस पहल से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त होकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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