उत्तराखंडः जसपुर में आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, आरोपी फरार
ऊधम सिंह नगर, 16 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र में कोर्ट के आदेश पर आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने केस दर्ज कर अग्रिम विधि कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जसपुर कोतवाली के पतरामपुर चौकी की पुलिस टीम शुक्रवार देर रात भोगपुर डाम नंबर-2 गांव में आबकारी अधिनियम के तहत वांटेड चल रहे गैर-जमानती वारंटी सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही सुखविंदर सिंह को उसके घर के आंगन से हिरासत में लिया और गिरफ्तारी मेमो तैयार करना शुरू किया, तभी उसने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर जमा होने लगे और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस के मुताबिक, शोर सुनते ही वारंटी की मां शिलो कौर, पत्नी मंजीत कौर, भाई मंगत सिंह, चचेरा भाई संदीप सिंह, राजू सिंह और जगपाल सिंह उर्फ जस्सा मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि सभी लोग लाठी-डंडों और धारदार पाठल से लैस थे। दरोगा गोविंद सिंह मेहता ने जब आरोपियों को कोर्ट का वारंट दिखाकर सरकारी कार्रवाई में बाधा न डालने को कहा तो परिजन और भड़क गए। आरोपियों ने पुलिस टीम को घेर लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
इसी दौरान शिलो कौर ने पुलिसकर्मियों के हाथ से कोर्ट का वारंट छीनने की कोशिश की, जिससे कागज फट गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमलावरों ने दरोगा और सिपाही के साथ अभद्रता की। आरोप है कि संदीप सिंह ने पुलिसकर्मियों पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। दोनों पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया, लेकिन हमले में वे घायल हो गए। हमलावरों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों की वर्दी तक नहीं छोड़ी।
घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालात इतने बिगड़ गए कि घायल पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए गांव से भागना पड़ा। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी अपने साथी सुखविंदर सिंह को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली जसपुर प्रभारी निरीक्षक राजेश पांडे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि तब तक सभी आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुर पहुंचाया गया, जहां उनका मेडिकल कराया गया।
उपनिरीक्षक गोविंद सिंह मेहता की तहरीर पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने, मारपीट, पुलिस हिरासत से वारंटी छुड़ाने और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी क्षेत्र में कच्ची शराब की तस्करी में भी लिप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर वारंटी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर वारंटी के परिजनों और अन्य लोगों ने अभद्रता करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाया है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। पूरे मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी हुआ था और पूर्व में कच्ची शराब बनाने के मामले में यह आरोपी रह चुका है।
--आईएएनएस
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