उत्तराखंड: सीआईएसएफ ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए किया मॉक ड्रिल
तपोवन, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तराखंड के तपोवन में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने सोमवार को मॉक ड्रिल किया। इसमें आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्टेट फायर सर्विसेज़, लोकल पुलिस, बीआरओ, एनटीपीसी, आईबी, एलआईए, एसडीएम ऑफिस, एचसीसी और मेडिकल टीमों ने भी हिस्सा लिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मॉक ड्रिल का आयोजन प्रमुख रूप से बादल फटने और बाढ़ की स्थिति में कैसे रेस्क्यू ऑपरेशन को कैसे अंजाम दिया जाए, इसके लिए अभ्यास करना था। इस मॉक ड्रिल से पहले ही पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी, जिसके आधार पर सबकुछ अंजाम दिया गया। मॉक ड्रिल के दौरान यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि कुछ भी रूपरेखा से परे नहीं हो।
वहीं, मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद इसे सफल बताया जा रहा है और साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि इससे हमें आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की आपदाग्रस्त स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी। ध्यान देने वाली बात है कि इस मॉक ड्रिल का आयोजन करने से पहले इसकी रूपरेखा पहले ही निर्धारित कर ली गई थी।
वहीं, इस मॉक ड्रिल के आयोजन का एक मकसद यह भी था कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदा कार्यकुशलता का आकलन किया जा सके। इस मॉक ड्रिल से यह भी पता चल गया कि अगर किसी कारणवश हमें किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो उससे निपटने के लिए हमारा मौजूदा सुरक्षा दस्ता कितना कुशल और सक्षम है। इसी देखते हुए इस मॉक ड्रिल को काफी सार्थक माना जा रहा है।
साथ ही, कई बार यह भी देखने को मिला है कि तालमेल के अभाव में रेस्क्यू ऑपरेशन जैसे संवेदनशील प्रक्रियाओं को संपन्न करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति में इस तरह के मॉक ड्रिल को काफी उपयोगी माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस मॉक ड्रिल के बाद अगर अब किसी भी प्रकार की खामियां सामने आई होंगी, तो उसे पुन: दुरूस्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
बता दें कि उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से हमेशा से ही संवेदनशील सूबों की फेहरिस्त में शुमार रहा है। ऐसी स्थिति में सीआईएसएफ के इस कदम को काफी माना जा रहा है। \
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