उत्तर प्रदेश: विद्यालय पुस्तकालयों में किताबों की खरीद पर आपूर्ति और भुगतान का होगा जनपदवार सत्यापन
लखनऊ, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों में शिक्षा संसाधनों के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। समग्र शिक्षा और पीएमश्री योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों के पुस्तकालयों के लिए खरीदी गई पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान संबंधी विवरणों का जनपदवार सत्यापन कराया जाएगा! इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी धन से खरीदी गई पुस्तकें निर्धारित विद्यालयों तक पहुंची हैं और भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है।
विद्यालय पुस्तकालयों में पुस्तकों की उपलब्धता और शिक्षा संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है।
मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा एवं पीएमश्री योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित परिषदीय विद्यालयों के पुस्तकालयों हेतु क्रय की गई पुस्तकों की आपूर्ति एवं भुगतान संबंधी अभिलेखों का जनपदवार सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विद्यालय पुस्तकालय विद्यार्थियों में अध्ययन संस्कृति विकसित करने और उनके बौद्धिक विकास को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि स्वीकृत और खरीदी गई पुस्तकें समयबद्ध तरीके से विद्यालयों तक पहुंचें तथा उनके भुगतान से जुड़े सभी अभिलेख पूरी तरह प्रमाणित और पारदर्शी हों।
उन्होंने कहा कि पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान का सत्यापन महज एक प्रशासनिक कवायद नहीं है, बल्कि शिक्षा संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने का प्रयास है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश सरकार विद्यालय पुस्तकालयों और पठन-पाठन संसाधनों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दे रही है। विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने, ज्ञान के दायरे का विस्तार करने और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से विद्यालयों में उपयोगी पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में आपूर्ति और भुगतान संबंधी अभिलेखों की समीक्षा कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
जारी निर्देशों के अनुसार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को चयनित प्रकाशकों एवं आपूर्तिकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरणों का जनपद स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों से मिलान करना होगा। सत्यापन के बाद प्रमाणित रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन स्तर पर इन सूचनाओं की समीक्षा कर पुस्तकों की आपूर्ति और भुगतान व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे भविष्य में संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, निगरानी और प्रभावी उपयोग के लिए मजबूत आधार तैयार हो सके।
--आईएएनएस
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