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उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में डिप्टी सीएम का सघन दौरा, निर्माणाधीन गंगा पुल का निरीक्षण किया

लखनऊ, 7 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को प्रयागराज प्रवास के दौरान विकासशील परियोजनाओं की जमीनी हकीकत परखी और प्रदेश की लोकतांत्रिक-सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। इसी क्रम में उन्होंने गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया और 'गौरव बोध आयोजन' में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में डिप्टी सीएम का सघन दौरा, निर्माणाधीन गंगा पुल का निरीक्षण किया

लखनऊ, 7 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को प्रयागराज प्रवास के दौरान विकासशील परियोजनाओं की जमीनी हकीकत परखी और प्रदेश की लोकतांत्रिक-सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। इसी क्रम में उन्होंने गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया और 'गौरव बोध आयोजन' में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।

उपमुख्यमंत्री मौर्य ने प्रयागराज के लवायन कलां क्षेत्र में गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करते हुए कार्य प्रगति, निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पुल क्षेत्रीय आवागमन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मौर्य ने नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों के पूर्ण अनुपालन के निर्देश देते हुए चेताया कि लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मानसून और संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाकर किसी भी प्रकार की देरी न होने देने के निर्देश दिए।

इसके बाद उपमुख्यमंत्री प्रयागराज में आयोजित “गौरव बोध आयोजन” में सम्मिलित हुए। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन त्रिवेणी को नमन करते हुए उन्होंने जनपदवासियों को संबोधित किया। मौर्य ने कहा कि प्रयागराज केवल ऐतिहासिक नगर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैचारिक चेतना का प्रमुख केंद्र है। स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य, शिक्षा और सनातन परंपरा की गौरवशाली विरासत इस नगरी की पहचान है।

उन्होंने स्मरण कराया कि 8 जनवरी 1887 को राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी परिसर में प्रदेश विधानमंडल की पहली बैठक हुई थी—जो भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के इतिहास में एक मील का पत्थर है। गौरव बोध आयोजन युवाओं में राष्ट्रगौरव, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक दायित्व को जागृत करने का सशक्त माध्यम है। उत्तर प्रदेश विकास, सुरक्षा और सुशासन के पथ पर तेजी से अग्रसर है। प्रयागराज में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े कार्यों के साथ आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण हो रहा है, जिससे जनजीवन सुगम हुआ है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में ‘डबल इंजन सरकार’ की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, चाबी और चेक वितरण को सरकार की सक्रियता और प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ जाति या धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर दिया जा रहा है। बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर डीबीटी के माध्यम से धन सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा है। “शहर जैसी सुविधा, गांव का विकास” के विजन के साथ ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सशक्त किया जा रहा है।

मौर्य ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात करते हुए आधुनिक ज्ञान, तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ें और “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के मूल्यों को मजबूत करने का भी आग्रह किया। इस दौरान डिप्‍टी सीएम ने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं, प्रयागराज के सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, और विधानमंडल के इतिहास और संसदीय यात्रा पर आधारित लघु प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

--आईएएनएस

विकेटी/एएसएच

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