उत्तर प्रदेश की तरक्की का मुख्य कारण है श्रीरामलला का भव्य मंदिर: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
अयोध्या, 7 नवंबर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को अयोध्या में आयोजित 10वें दीपोत्सव समारोह में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अभूतपूर्व प्रगति और वैभव का प्रमुख आधार भी है। राम जन्मभूमि आंदोलन के परिणामस्वरूप आज अयोध्या स्मार्ट, सोलर और आधुनिक आध्यात्मिक नगरी के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हो चुकी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 'विरासत भी, विकास भी' की सोच से उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का सशक्त इंजन बनकर उभरा है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'दीपोत्सव 2026' के 10वें संस्करण के तहत राम की पैड़ी पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने दीपोत्सव की भव्यता और आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि अयोध्या का बदला स्वरूप आस्था के साथ विकास की नई पहचान प्रस्तुत कर रहा है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अपने 40 साल के सार्वजनिक जीवन में इतना सुंदर, भव्य और मंत्रमुग्ध करने वाला आयोजन कभी नहीं देखा। उन्होंने उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की व्यवस्थाओं की सराहना की और उपस्थित लोगों से विभाग के सम्मान में तालियां बजवाईं। वर्ष 2017 में शुरू हुआ दीपोत्सव अपने दसवें संस्करण में पूरे अवध क्षेत्र में 70 लाख दीपों के नए कीर्तिमान तक पहुंच गया है। वहीं, 2,100 से अधिक ड्रोन के माध्यम से आकाश में प्रस्तुत रामायण के प्रसंगों ने आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि रामायण हमें सिखाती है कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की विजय होती है। यही 'सत्यमेव जयते' का संदेश है। विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर को तोड़ा, लेकिन सत्य में विश्वास और साधु-संतों की तपस्या के कारण 500 वर्षों के संघर्ष के बाद प्रभु श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर भव्य मंदिर में विराजमान हुए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण आस्था और संकल्प की विजय का प्रतीक है।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए विश्व बैंक के सर्वेक्षण का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि देश में गरीबी कम करने की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उनके अनुसार, देश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या 2.5 प्रतिशत से भी कम रह गई है। केंद्र सरकार की नीतियों से 50 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं। चार करोड़ पक्के घर बने हैं और जल जीवन मिशन के माध्यम से 82 प्रतिशत परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
उपराष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सेवायोजन पोर्टल और रोजगार सृजन की नीतियों से समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिल रहा है। महिला नेतृत्व वाले विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था ने विकास और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। अब प्रदेश में गुंडों का नहीं, कानून का राज है। सुरक्षित माहौल में आम आदमी भी कारोबारी बनने का सपना देख रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकास दृष्टि की सराहना करते हुए कामना की कि उत्तर प्रदेश वर्ष 2029 से पहले एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य पूरा करे।
उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रशासन, कलाकारों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लाखों दीपों का प्रकाश केवल अयोध्या को आलोकित नहीं कर रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहा है। आज उत्तर प्रदेश सही मायनों में 'उत्तम प्रदेश' बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
--आईएएनएस
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