उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री ने रूसी समकक्ष के साथ 'रणनीतिक संवाद' किया, पुतिन से भी की मुलाकात
सोल, 21 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन-हुई ने मास्को में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग को तेज करने पर सहमति जताई। यह जानकारी मंगलवार को उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने दी।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने केसीएनए की ओर से जारी किए गए संयुक्त बयान के हवाले से बताया, दोनों विदेश मंत्रियों के बीच सोमवार को "तीसरा रणनीतिक संवाद" आयोजित किया गया।
बयान में कहा गया कि वार्ता का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि के क्रियान्वयन, उच्च-स्तरीय यात्राओं, बहुआयामी सहयोग की योजनाओं और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कूटनीतिक समन्वय रहा। दोनों पक्षों ने चर्चा में उठाए गए सभी मुद्दों पर सहमति व्यक्त की।
दोनों देशों ने बदलते वैश्विक हालात की परवाह किए बिना, शीर्ष नेतृत्व के रणनीतिक मार्गदर्शन में द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक और बहुआयामी विकास को तेज करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उत्तर कोरिया और रूस के संबंध जून 2024 में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद लगातार मजबूत हुए हैं।
संयुक्त बयान में इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों के व्यापक विस्तार और विकास को गति देने तथा रणनीतिक साझेदारी संधि की भावना के अनुरूप क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा में सकारात्मक योगदान देने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया गया।
रूस ने उत्तर कोरिया की संप्रभुता की रक्षा के प्रयासों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया और कथित "शत्रुतापूर्ण" खतरों का सामना करने में उसके साथ खड़े रहने की बात कही।
वहीं, उत्तर कोरिया ने रूस की उन सभी आंतरिक और बाहरी नीतियों के प्रति अपना अटल समर्थन दोहराया, जिनका उद्देश्य उसके अनुसार यूक्रेन विवाद के मूल कारणों को समाप्त करना और साम्राज्यवादी वर्चस्ववादी प्रयासों से अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय न्याय की रक्षा करना है।
केसीएनए की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, चोए सोन-हुई शुक्रवार को लावरोव के निमंत्रण पर मास्को पहुंची थीं और रविवार को क्रेमलिन में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस मुलाकात में दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि की भावना के अनुरूप गठबंधन संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा दोहराई। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय आदान-प्रदान और सहयोग के विस्तार पर भी सार्थक चर्चा की।
योनहाप के मुताबिक रूस और उत्तर कोरिया के बीच फिलहाल कोई बड़ा वार्षिकोत्सव या कूटनीतिक अवसर निर्धारित नहीं है। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि चोए सोन-हुई की मास्को यात्रा का उद्देश्य किम जोंग-उन की संभावित रूस यात्रा की तैयारियों और समन्वय पर चर्चा करना भी हो सकता है। जून 2024 में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने किम जोंग-उन को मास्को आकर शिखर वार्ता करने का निमंत्रण दिया था।
--आईएएनएस
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