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यूएस-ईरान डील से कतर में फंसे 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे: पेजेश्कियन

तेहरान, 21 जून (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि स्विट्जरलैंड में जारी कूटनीतिक बातचीत के तहत एक प्रारंभिक समझौते के अंतर्गत कतर में रखे गए ईरान के लगभग 6 अरब डॉलर के फ्रीज्ड फंड को वापस किया जाएगा।
यूएस-ईरान डील से कतर में फंसे 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे: पेजेश्कियन

तेहरान, 21 जून (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि स्विट्जरलैंड में जारी कूटनीतिक बातचीत के तहत एक प्रारंभिक समझौते के अंतर्गत कतर में रखे गए ईरान के लगभग 6 अरब डॉलर के फ्रीज्ड फंड को वापस किया जाएगा।

ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, पेजेश्कियन ने कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) की सभी शर्तें ईरान के पक्ष में हैं और इन बातचीतों के नतीजे जल्द दिखाई देंगे।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि इस समझौते के सभी प्रावधान ईरान के हित में हैं और बातचीत के परिणाम जल्द ही स्पष्ट रूप से सामने आएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया बयानों में जिन प्रतिबंधों और प्रतिबंधात्मक नीतियों का उल्लेख किया था, उनमें से कई अब वार्ता प्रक्रिया में मूल अधिकारों के रूप में स्वीकार किए जा रहे हैं।

पेजेश्कियन ने दावा किया कि कतर में मौजूद ईरान के 6 अरब डॉलर जल्द ही वापस किए जाएंगे। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी टिप्पणी की। कहा कि वे इस वार्ता प्रक्रिया से सबसे अधिक असंतुष्ट होंगे।

परमाणु संवर्धन को लेकर ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करे, जिसे उन्होंने ईरान की आधिकारिक धार्मिक नीति के अनुरूप बताया। उन्होंने आयतुल्लाह अली खामेनेई के धार्मिक आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह परमाणु हथियार नहीं चाहता।"

उन्होंने वार्ता प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा सुझाए गए समझौते के बिंदुओं को स्वीकार कर लिया गया है और दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जिन चीजों पर पहले रोक लगाने की बात की थी, अब उन्हें ईरानी जनता के अधिकार के तौर पर स्वीकार कर लिया है।

--आईएएनएस

केआर/

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