ऊर्जा बचत के साथ पर्यटन को बढ़ावा, मई-जून में स्कूली बच्चों और परिवारों के लिए संग्रहालयों में मुफ्त एंट्री
लखनऊ, 27 मई (आईएएनएस)। प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मई और जून माह में स्कूली बच्चों एवं उनके परिवारों के लिए संग्रहालयों और राज्य पुरातत्व विभाग के स्मारकों में नि:शुल्क प्रवेश देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों को पेट्रोल, बिजली और अन्य ऊर्जा संसाधनों के न्यूनतम उपयोग के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पर्यटन मंत्री ने 13 मई को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री के राष्ट्रहित में ऊर्जा बचत संबंधी आह्वान के अनुरूप कार्य करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों को सरकारी वाहन आवंटित हैं, वे उनके उपयोग में मितव्ययिता बरतें और ईंधन खर्च को 50 प्रतिशत तक कम करने का प्रयास करें। एक ही रूट पर रहने वाले अधिकारी संयुक्त रूप से एक वाहन का उपयोग करें तथा शासकीय भ्रमण के दौरान भी साझा वाहन व्यवस्था अपनाई जाए।
उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो सेवा का अधिकाधिक उपयोग करने की सलाह दी। कार्यालयों में बिजली और एसी के सीमित उपयोग तथा अवकाश के दिनों में केवल अपरिहार्य स्थिति में ही कार्यालय खोलने के निर्देश भी दिए गए हैं। जयवीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों से स्मारकों में मुफ्त प्रवेश योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग की अपार संभावनाओं को देखते हुए पीपीपी मॉडल पर संचालित इकाइयों और पर्यटक आवास गृहों में इसे प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
पर्यटन विभाग के राही पर्यटक आवास गृहों और होटलों में मई-जून 2026 के दौरान बच्चों और परिवार के साथ यात्रा करने वाले पर्यटकों को 20 से 25 प्रतिशत तक की छूट देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री के “विजिट माई स्टेट” अभियान के तहत वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज, अयोध्या, चित्रकूट, आगरा और नैमिषारण्य समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार तेज करने को कहा गया है। पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को क्षेत्रीय व्यंजनों से परिचित कराने के लिए विशेष कुकिंग शो आयोजित किए जाएंगे, जबकि प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से लोगों को जोड़ने के लिए हेरिटेज वॉक भी कराई जाएगी।
संस्कृति विभाग को जिलाधिकारियों के माध्यम से भजन, नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेशभर में चिन्हित 200 नाट्य प्रस्तुतियों का विभिन्न मंडलों और पर्यटन स्थलों पर मंचन किया जाएगा।
--आईएएनएस
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