Samachar Nama
×

यूपीएससी परीक्षा में तीसरी रैंक लाने वाले एकांश ढुल के पिता बोले-बेटे ने इतिहास रचा

नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। हरियाणा के पंचकूला के रहने वाले एकांश ढुल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2025 में तीसरा स्थान हासिल किया। एकांश की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। सीएम नायब सैनी ने एकांश ढुल के पिता को फोन पर बधाई दी।
यूपीएससी परीक्षा में तीसरी रैंक लाने वाले एकांश ढुल के पिता बोले-बेटे ने इतिहास रचा

नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। हरियाणा के पंचकूला के रहने वाले एकांश ढुल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2025 में तीसरा स्थान हासिल किया। एकांश की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। सीएम नायब सैनी ने एकांश ढुल के पिता को फोन पर बधाई दी।

आईएएनएस ने एकांश ढुल के माता-पिता से बातचीत की। इसके अलावा खंडवा, रायपुर, चरखी-दादरी से यूपीएससी पास करने वाले अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता के टिप्स साझा किए।

यूपीएससी 2025 के परिणाम में तीसरी रैंक लाने वाले एकांश ढुल के पिता और भाजपा नेता कृष्ण ढुल ने कहा कि एक पिता के तौर पर मुझे बहुत गर्व है कि मेरे बेटे ने इतिहास रच दिया है। एकांश की सफलता में कई लोगों का योगदान है। मैं अपने राज्य के मुख्यमंत्री का आभारी हूं, जिन्होंने एक पिता के तौर पर मुझे बधाई देने के लिए खुद फोन किया और हरियाणा के लोगों के लिए अपना प्यार दिखाया।

एकांश ढुल की मां निर्मला ने कहा कि अगर कोई बच्चा कड़ी मेहनत करता है और लगातार, लगन से कोशिश करता है तो सफलता जरूर मिलती है। लगातार कोशिश करने वाला कोई भी स्टूडेंट यूपीएससी की तैयारी कर सकता है और अपना लक्ष्य हासिल कर सकता है। पिछले साल, उसे आईएएस या आईपीएस रैंक नहीं मिला क्योंकि उसकी सर्विस प्रेफरेंस आईडब्ल्यूएस ही रही। इस साल, उसने अपनी कमजोरियों पर काम किया, स्ट्रेटजी बनाकर सुधार किया और तीसरी रैंक हासिल की।

इसके अलावा मध्यप्रदेश के खंडवा की रहने वाली रूपल जायसवाल ने 43वीं रैंक हासिल की। उन्होंने कहा कि मेरी मेहनत आखिरकार रंग लाई। जैसे मैंने इस एग्जाम के लिए अपने नोट्स अच्छे से तैयार किए, खूब प्रैक्टिस की और लगातार रिवीजन किया, वैसे ही सबसे ज्यादा कंसिस्टेंसी मायने रखती थी। मैंने कम से कम 7–8 घंटे पढ़ाई की। आज, उस मेहनत का नतीजा यूपीएससी 2025 में ऑल इंडिया 43वीं रैंक में दिख रहा है। इस मुकाम पर आने के लिए मुझे साढ़े तीन साल लग गए। परिवार का बहुत सपोर्ट मिला है।

ग्वालियर की रहने वाली सृष्टि गोयल ने 160वीं रैंक हासिल की। उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश और राहत महसूस कर रही हूं कि मैंने जो मेहनत की थी, आखिरकार उसका नतीजा सफलता के रूप में सामने आया। मैं आगे आने वाले रोल और जिम्मेदारियों को लेकर भी बहुत उत्साहित हूं, जिन्हें मैं अब निभाऊंगी। मेरा सफर थोड़ा लंबा रहा है।

रायपुर की रहने वाली वैभवी अग्रवाल ने 35वीं रैंक हासिल की। उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। पिता के आशीर्वाद, परिवार के सपोर्ट, मेंटर्स के गाइडेंस और भगवान की कृपा से मैं इस मुकाम तक पहुंची हूं। यह मेरा तीसरा अटेम्प्ट था। मैं 2021 से तैयारी कर रही हूं। जब दो बार फेल हुई, तो मेरा हौसला भी टूट गया था, लेकिन मेरे परिवार ने मेरा बहुत सपोर्ट किया।

चरखी दादरी के यशवंत सांगवान ने आठ साल की तैयारी के बाद अपने पांचवें प्रयास में यूपीएससी में 391वीं रैंक हासिल की। उन्होंने कहा कि परिवार ने काफी सपोर्ट किया। एग्जाम के स्ट्रेस के दौरान परिवार से बात कर लेता था। मेरी सफलता में सभी का श्रेय है।

उन्होंने बताया कि चरखी दादरी से ही प्राथमिक शिक्षा हासिल की। इसके आगे की पढ़ाई फरीदाबाद से की। 8 साल तक मैंने पढ़ाई की। आठ साल के बाद आप सफल होते हैं तो बहुत अच्छा लगता है। मुझे समाज के लिए काम करना है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

Share this story

Tags