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संसद मार्च रोकने पर बवाल, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज; कई घायल, सोनम वांगचुक ने रखीं 3 बड़ी शर्तें

संसद मार्च रोकने पर बवाल, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज; कई घायल, सोनम वांगचुक ने रखीं 3 बड़ी शर्तें

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के हजारों समर्थकों ने संसद मार्च निकालने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। कई प्रदर्शनकारियों के सिर में भी चोटें आई हैं। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए इलाके में तनाव फैल गया। जानकारी के मुताबिक, करीब 30 से 35 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच कर रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और कुछ प्रदर्शनकारी पार्लियामेंट थाने तक पहुंच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग की थी, लेकिन भीड़ लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करती रही।

भारी सुरक्षा व्यवस्था, RAF और दिल्ली पुलिस तैनात

किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान मौके पर तैनात हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद वे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी कारण हालात बिगड़ने पर बल प्रयोग करना पड़ा।

CJP संस्थापक बोले- हमें कोई नहीं रोक सकता

लाठीचार्ज के बावजूद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना उनका अधिकार है।अभिजीत दिपके ने कहा, "हमें कोई नहीं रोक सकता। हम शांतिपूर्ण तरीके से संसद तक जाएंगे और अपनी आवाज देश के जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाएंगे।"

23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक

इसी बीच आंदोलन को नया मोड़ देते हुए सोनम वांगचुक, जो पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने के लिए सरकार के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं।उनकी पहली मांग है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे।दूसरी शर्त के तहत उन्होंने कहा कि CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने की अनुमति दी जाए और सांसद इस मुद्दे को संसद मेंउठाने का स्पष्ट आश्वासन दें।तीसरी शर्त में उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य कारणों से उनका संसद जाना संभव नहीं है, तो सांसद स्वयं सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें यही आश्वासन दें, ताकि वे अपना अनशन समाप्त कर सकें।

आंदोलन पर सबकी नजर

जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर पूरे देश की नजर दिल्ली पर टिकी हुई है। एक ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, वहीं पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती बरत रही है। आने वाले समय में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। फिलहाल राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

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