यूपीआईटीएस 2026: ग्लोबल सोर्सिंग हब के रूप में पहचान बनाएगा उत्तर प्रदेश, 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल
ग्रेटर नोएडा, 24 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश को वैश्विक सोर्सिंग और व्यापार के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 का चौथा संस्करण शुक्रवार से ग्रेटर नोएडा में शुरू होने जा रहा है।
25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, एमएसएमई, ओडीओपी उत्पाद, हस्तशिल्प, कृषि, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक तकनीक और उभरते उद्योगों की व्यापक झलक देखने को मिलेगी।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा कि यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं, निर्यातकों और कारोबारियों को देश-दुनिया के बाजारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 2,400 से अधिक प्रदर्शकों के भाग लेने की उम्मीद है। इसके अलावा 1.5 लाख से अधिक बीटूबी खरीदार एवं ट्रेड विजिटर्स, 4.5 लाख से अधिक सामान्य आगंतुक और 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार आयोजन में शामिल हो सकते हैं।
यूपीआईटीएस 2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस वर्ष आयोजन का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी और व्यापक किया गया है। छह पार्टनर देश ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम इसमें भाग ले रहे हैं। इनके माध्यम से व्यापार साझेदारी, तकनीकी सहयोग, निवेश, सोर्सिंग और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजन से पहले ही 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। एफआईईओ के होस्टेड बायर प्रोग्राम के तहत आयातकों, वितरकों, रिटेलर्स, सोर्सिंग एजेंट्स, प्रोक्योरमेंट प्रमुखों, व्यापार संघों और कारोबारी संस्थाओं को जोड़ा जा रहा है। बीटूबी मैचमेकिंग, नेटवर्किंग और बिजनेस सेशंस के जरिए प्रदर्शकों और खरीदारों को सीधे कारोबारी संवाद का अवसर मिलेगा।
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि एमएसएमई उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। सरकार ऐसा कारोबारी इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दे रही है, जिससे उद्यमी नवाचार के साथ वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें। यूपीआईटीएस के जरिए स्थानीय उत्पादों को नए बाजार, निवेश, व्यावसायिक विस्तार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
ट्रेड शो में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, ईवी एवं ऑटो कंपोनेंट्स, एविएशन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, आईटी, स्मार्ट सिटी सॉल्यूशंस, फिल्म एवं मनोरंजन, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, एफएमसीजी, बागवानी, हैंडलूम, हस्तशिल्प एवं टेक्सटाइल, स्वास्थ्य, आयुष, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल इक्विपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, रियल एस्टेट, लेदर, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, स्पोर्ट्स, टॉयज, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, शिक्षा, कौशल विकास, पैकेजिंग और वेस्ट मैनेजमेंट समेत कई क्षेत्रों को प्रदर्शित किया जाएगा।
यूपीआईटीएस 2026 में व्यापार के साथ उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पाक पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ की तर्ज पर इस वर्ष ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ को विशेष पहचान दी जाएगी। इसके माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजनों, स्थानीय पाक विधियों और खाद्य विरासत को देश-विदेश के लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
पांच दिवसीय कार्यक्रम में बिजनेस एंगेजमेंट, नॉलेज सेशंस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस, अवॉर्ड्स, फैशन शो और लेजर शो भी आयोजित किए जाएंगे। नॉलेज सेशंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रेड, फूड प्रोसेसिंग, एमएसएमई और ग्लोबल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट समेत उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
यूपीआईटीएस 2026 का आयोजन पिछले तीन संस्करणों की सफलता के आधार पर किया जा रहा है। वर्ष 2025 के संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। उस दौरान कुल 5,07,099 आगंतुक पहुंचे थे, जिनमें 1,40,735 बीटूबी आगंतुक शामिल थे। 35 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में आयोजित ट्रेड शो में 2,228 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया था।
आधिकारिक यूपीआईटीएस प्लेटफॉर्म के अनुसार, 2025 संस्करण में 2,400 से अधिक एमओयू हुए, जिनकी कुल कीमत करीब 1,882 करोड़ रुपये बताई गई। वहीं 11,200 करोड़ रुपये से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी दर्ज की गई थी। एफआईईओ के माध्यम से 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी भी हुई थी।
इस बार यूपीआईटीएस में डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। यूपीआईटीएस ऐप के माध्यम से खरीदार और प्रदर्शक कारोबारी अवसरों की पहचान करने के साथ बीटूबी बैठकों को पहले से निर्धारित कर सकेंगे। डिजिटल मैचमेकिंग से प्रतिभागियों को कारोबारी बैठकों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
आयोजकों के मुताबिक, यूपीआईटीएस 2026 का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, एमएसएमई इकोसिस्टम, ओडीओपी एवं ओडीओसी उत्पादों, कृषि, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, खाद्य, पर्यटन, नवाचार और आधुनिक उद्योगों को वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी समुदाय से जोड़ना है।
कार्यक्रम 25 से 29 सितंबर तक चलेगा। बिजनेस आवर्स सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक और पब्लिक आवर्स दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक होंगे। आयोजन का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “अल्टीमेट सोर्सिंग बिगिन्स हियर…” रखी गई है।
--आईएएनएस
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