उपहार अग्निकांड दोषी सुशील अंसल के पासपोर्ट मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोप तय किए
नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। पटियाला हाउस कोर्ट ने उपहार सिनेमा अग्निकांड के दोषी और रियल एस्टेट कारोबारी सुशील अंसल के खिलाफ पासपोर्ट नवीनीकरण मामले में आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने पाया कि उन्होंने पासपोर्ट आवेदन में गलत जानकारी दी और अपने आपराधिक इतिहास को छिपाया था।
सुशील अंसल ने कोर्ट के सामने आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। अब उनके खिलाफ ट्रायल चलेगा। कोर्ट ने 13 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से आरोप तय करने और ट्रायल की अगली तारीख के लिए मामले को सूचीबद्ध किया है।
कोर्ट ने सुशील अंसल पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 177 (झूठी सूचना देना), 181 (सरकारी अधिकारी को झूठा बयान देना) और पासपोर्ट एक्ट की धारा 12 (झूठी जानकारी देकर पासपोर्ट प्राप्त करना) के तहत आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 2019 में यह मामला दर्ज किया था। आरोप है कि सुशील अंसल ने 2000, 2004 और 2013 में पासपोर्ट बनवाते या नवीनीकरण करवाते समय उपहार अग्निकांड में अपनी सजा और अन्य लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई।
यह मामला 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड से जुड़ा है, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में शिकायतकर्ता नीलम कृष्णमूर्ति के दो बच्चे भी शामिल थे। सुशील अंसल और उनके भाई गोपाल अंसल को इस मामले में दोषी ठहराया गया था। वे लंबे समय से सजा काट चुके हैं। लेकिन, पासपोर्ट संबंधी धोखाधड़ी का यह नया मामला उनके खिलाफ चल रहा है।
कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट आवेदन में सही जानकारी देना अनिवार्य है और इसे छिपाना गंभीर अपराध है। अभियोजन पक्ष ने सबूत पेश किए कि अंसल ने जानबूझकर तथ्य छिपाए। इस मामले में उपहार पीड़ितों के संगठन को भी अभियोजन में सहायता करने की अनुमति मिल चुकी है।
--आईएएनएस
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