उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लो-पद्मिनी पर लगाए गंभीर आरोप, बोलीं-मुझे ऐरा-गैरा कहा गया
मुंबई, 28 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेत्री और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन की पूर्व महासचिव उपासना सिंह और पूनम ढिल्लो व पद्मिनी कोल्हापुरे आपसी मनमुटाव का विवाद खत्म होने का नाम ही ले रहा है। शुक्रवार को उपासना सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्था के अंदर चल रहे गंभीर विवाद और पूनम ढिल्लो व पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ मोर्चा खोलने की घोषणा की।
उपासना सिंह ने स्पष्ट किया कि सिंटा कार्यकारिणी के 11 सदस्यों (जिनमें मुकेश ऋषि, पुनीत इस्सर और विंदू दारा सिंह शामिल हैं) के इस्तीफे के बाद कमेटी पूरी तरह भंग हो चुकी है। उपासना सिंह और उनका समर्थन कर रहे सदस्यों का आरोप है कि संस्था में बिना किसी सहमति के अकेले फैसले लिए जा रहे थे और बिना नोटिस दिए पद बदले जा रहे थे। साथ ही, अभिनेत्री उपासना सिंह ने सिंटा की बैठक के दौरान हुए कथित अपमान को लेकर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी ने आने की वजह से उन्हें ऐरा-गैरा कहा गया था।
अभिनेत्री ने बताया कि पूनम ढिल्लो और पद्मिनी कोल्हापुरे ने उनसे कहा था कि वह सिर्फ एक कैरेक्टर आर्टिस्ट हैं जबकि वे स्टार हैं। उन्होंने कहा, "मैं यहां पर इसलिए आई हूं क्योंकि इस इंडस्ट्री ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मैं छोटे से शहर श्यारपुर की लड़की हूं जिसमें मैंने जीरो से शुरुआत की थी। आज अगर मुझे पूरी दुनिया में लोग जानते हैं, तो यह मेरे करियर की वजह से है। इसलिए, जब मैंने यह फैसला लिया, तो मैंने सोचा कि मुझे अब वापस लौटाना है। अब मुझे अपने एक्टर्स के लिए काम करना है और अपने सभी टेक्नीशियनों के लिए काम करना है। सिर्फ एक्टर्स के लिए नहीं बल्कि मैं अपनी पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए काम करना चाहती हूं।"
इसके बाद आगे अभिनेत्री उपासना सिंह ने दूसरे सदस्यों के साथ हुई बेइज्जती के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, "हमारी बहुत बेइज्जती हुई है। मुझे ऐरा-गैरा कहा गया। मुझसे कहा गया कि तुम एक कैरेक्टर आर्टिस्ट हो और मैं एक स्टार हूं। नीचा दिखाने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
अभिनेत्री उपासना ने अभिनेता दीपक पराशर से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, "दीपक पराशर जी से कहा गया था कि तुम्हें अंग्रेजी नहीं आती। सीपी ठाकुर के साथ हुई कथित बदसलूकी के बाद दीपक रोते हुए चले गए थे। उसके बाद मुझे उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, उन्हें दर्द होने लगा था।
हम पिछले ढ़ाई सालों से यह झेलते आ रहे हैं। शायद अगर हमारी जगह कोई और होता, तो वो बर्दाश्त नहीं करता। इसीलिए इस्तीफे दिए गए।"
--आईएएनएस
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