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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का 21 जनवरी को कर्नाटक दौरा, श्री सिद्धगंगा मठ के कार्यक्रम में होंगे शामिल

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 21 जनवरी को कर्नाटक जाने वाले हैं। इस दौरान वह तुमकुरु स्थित श्री सिद्धगंगा मठ में श्री शिवकुमार महास्वामीजी के 7वें स्मृति दिवस समारोह में शामिल होंगे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का 21 जनवरी को कर्नाटक दौरा, श्री सिद्धगंगा मठ के कार्यक्रम में होंगे शामिल

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 21 जनवरी को कर्नाटक जाने वाले हैं। इस दौरान वह तुमकुरु स्थित श्री सिद्धगंगा मठ में श्री शिवकुमार महास्वामीजी के 7वें स्मृति दिवस समारोह में शामिल होंगे।

जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति तुमकुरु स्थित श्री सिद्धगंगा मठ में श्री शिवकुमार महास्वामीजी के 7वें स्मृति दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे।

इसके बाद उपराष्ट्रपति बेंगलुरु में स्थित सीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में भी शामिल होंगे।

वहीं, मंगलवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली में स्थित गांधी आश्रम के कस्तूरबा संग्रहालय का दौरा किया, जहां महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी दिल्ली यात्रा के दौरान ठहरे थे।

इस दौरे को अत्यंत भावपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके घर और रसोई की सादगी त्याग, विनम्रता और अटूट दृढ़ संकल्प के उन मूल्यों को सशक्त रूप से दर्शाती है, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का मार्गदर्शन किया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को ही नई दिल्ली के ऐतिहासिक गांधी आश्रम में हरिजन सेवक संघ का दौरा किया और महादेव देसाई पुस्तकालय विस्तार का उद्घाटन किया। उन्होंने ज्ञान को समाज में स्थायी बदलाव लाने का सबसे मजबूत साधन बताया।

उपराष्ट्रपति ने आश्रम के भीतर स्थित कस्तूरबा संग्रहालय का भी दौरा किया, जहां महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी ने 1930 और 1940 के दशकों में दिल्ली के अपने दौरों के दौरान ठहराव किया था।

अपनी यात्रा को बेहद भावनात्मक बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आश्रम में घूमते हुए, विशेषकर कस्तूरबा जी के उपयोग किए गए साधारण घर और रसोई को देखकर यह याद दिलाता है कि भारत के नेताओं का जीवन कितना सरल, त्यागपूर्ण और संकल्प से भरा हुआ था।

उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महादेव देसाई पुस्तकालय विस्तार का उद्घाटन केवल भौतिक जगह के विस्तार का काम नहीं है, बल्कि यह विश्वास की पुनः पुष्टि है कि ज्ञान ही समाज में बदलाव लाने का सबसे बड़ा साधन है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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