यूपी विधानसभा के शैक्षिक भ्रमण पर पहुंचे छात्र, अध्यक्ष सतीश महाना ने लोकतांत्रिक मूल्यों का महत्व समझाया
लखनऊ, 15 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा शुक्रवार को उस समय एक जीवंत लोकतांत्रिक पाठशाला में बदल गई, जब कानपुर के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने सदन की कार्यवाही, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बेहद करीब से देखा और समझा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के जागरूक नागरिक और राष्ट्र के भविष्य निर्माता हैं। इसलिए उनमें संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के प्रति सम्मान की भावना विकसित होना बेहद जरूरी है।
विधानसभा के इस शैक्षिक भ्रमण में कानपुर के विवेकानंद विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, अशोका एजुकेशन सेंटर और पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन के छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने विधानसभा भवन की ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक विशेषताओं को जाना और सदन की कार्यवाही, प्रश्नकाल तथा विधायी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
सतीश महाना ने विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, कानून निर्माण की प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का वह महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है और प्रदेश के विकास की दिशा तय करने वाले कानून बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जागरूकता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।
साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर अध्ययन का संदेश देते हुए कहा कि सफलता केवल शिक्षा से नहीं, बल्कि संस्कार, परिश्रम और समाज के प्रति संवेदनशीलता से भी मिलती है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
छात्र-छात्राओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े कई जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका विधानसभा अध्यक्ष ने सरल और प्रेरणादायी अंदाज में उत्तर दिया। विद्यालयों के शिक्षकों और प्रबंधन ने इस शैक्षिक भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और उपयोगी बताया। उनका कहना था कि ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनकी समझ को भी मजबूत बनाते हैं।
-- आईएएनएस
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